संवाददाता मोहन सिंह बेतिया
नगर निगम बेतिया के कतिपय पार्षद गण द्वारा अपने स्तर से निर्धारित एजेंडे नगर निगम बोर्ड की बैठक बुलाने लगातार दूसरी बार इसको गैर वैधानिक कृत्य करार दिया गया है। पहली बार विगत 2 जनवरी को कुल 27 नगर पार्षद गण के द्वारा बीते 26 दिसंबर 2024 को स्थगित बैठक में दो एजेंडा पर ही बैठक करने का पत्र दिया था।

जिसको महापौर गरिमा देवी सिकारिया द्वारा बिहार नगर पालिका अधिनियम 2007 के विहित प्रावधानों का उल्लंघन मानते हुए अमान्य करार दिया था। इसके साथ ही महापौर द्वारा बीते 26 दिसंबर 2024 को स्थगित की गई नगर निगम बोर्ड की बैठक नियमानुसार पूर्व निर्धारित एजेंडे पर ही 28 जनवरी 2025 को नगर निगम बोर्ड की बैठक की तिथि निर्धारित करते हुए बैठक बुलाने का आदेश जारी किया है। उसके बाद पुनः दूसरी बार 20 नगर पार्षद गण द्वारा बीते 17 जनवरी को सामूहिक आवेदन अपने द्वारा निर्धारित एजेंडे पर पत्र देकर पुनः 21 जनवरी 2025 नगर निगम बोर्ड की बैठक बुलाने की मांग की थी। जिसको लेकर नगर आयुक्त विनोद कुमार सिंह द्वारा सरकारी अधिवक्ता रमेश गिरी विधिक परामर्श देने का अनुरोध किया था। जिसमें इसे वैधानिक रूप से अमान्य करार दिया गया है।

इसकी सूचना नगर आयुक्त विनोद कुमार सिंह द्वारा आवेदक नगर पार्षद मोहम्मद एनामुल हक, विजय यादव, अमर यादव आदि को जारी करते हुए बताया है कि महापौर गरिमा देवी सिकारिया द्वारा निर्धारित की गई तिथि 28 जनवरी को पूर्ववर्ती एजेंडे पर ही बैठक आयोजित किया जाना विधि सम्मत बताया है। इस तरह महापौर के विरोध में मोर्चा खोले नगर पार्षदों को दूसरी बार वैधानिक व्यवस्था के आधार पर चुप रहना मजबूरी बन गया है। वही नगर निगम के जानकार सूत्रों ने बताया कि 28 जनवरी को होने वाली बैठक भी विरोध या हंगामा के कारण स्थगित हुई तो अगली बैठक पुनः 26 दिसंबर 2024 को स्थगित बैठक के ही एजेंडे पर होगी।