संवाददाता मोहन सिंह
बेतिया/ पश्चिम चंपारण।
महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने कहा कि नगर निगम नव अधिग्रहित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विकास मेरी प्राथमिकताओं ऊपर रहा है। इसी क्रम में छह मुक्ति धाम के निर्माण से संबंधित मेरे प्रस्ताव को नगर निगम बोर्ड ने स्वीकृत किया है।
बानूछापर, सिंगा छापर, रानीपकड़ी के अलावा बरवत परसाईन आदि नव अधिग्रहित शहरी क्षेत्रों कुल 86.48 लाख से मुक्ति धाम निर्माण को स्वीकृति दी गई है। इसके बाबत महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने बताया कि
सुव्यवस्थित शवदाह गृह पर्यावरण-सुरक्षा मानकों के अनुरूप होते हैं। जो पारंपरिक तौर पर खुले दाह-संस्कार की तुलना में कम लकड़ी की आवश्यकता सुनिश्चित करते हैं, जिससे वनों पर दबाव घटता है। निर्मित प्लेटफ़ॉर्म और व्यवस्थित जल निकास प्रणाली नदी, पोखर या अन्य जल स्रोतों को दूषित होने से बचाती है। इसको लेकर नगर विकास विभाग के निर्देश के अनुसार छठे वित्त आयोग मद से प्राप्त आवंटन से औसतन 14 से करीब 15 लाख की लागत वाली इन आधे दर्जन वार्डों के सार्वजनिक और उपयुक्त स्थानों पर नया मुक्तिधाम निर्माण कार्य को स्वीकृति दी गई है। इससे स्थानीय नागरिकगण को अपने मृत परिजनों का विधि विधान से अंतिम संस्कार करने में सुविधा होगी। इसी प्रकार वार्ड 43 के रानी पकड़ी में गुलरिया माई स्थान के पास 14,41,500 रूपये से मुक्तिधाम निर्माण और वार्ड 38 के बरवत लच्छू में 14,41,500 रूपये से तथा वार्ड 27 के मैनाटांड़ रोड के किनारे के सार्वजनिक भूखंड पर 14,87,200 रूपये से मुक्ति धाम निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। बानू छापर के वार्ड 28 ओपी थाना क्षेत्र के समीप 14,41,500 रूपये से और वार्ड 29 के यादव टोला में भी 14,41,500 रूपये से निर्माण शरू हो रहा है।

महापौर श्रीमती सिकारिया ने बताया कि वार्ड 36, 37 और वार्ड 2 के तूफानी घाट के समीप शवदाह गृह का निर्माण हो चुका है। वही संत घाट मुक्तिधाम और जगदम्बा नगर अत्याधुनिक विद्युत शवदाह गृह का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है।