संवाददाता : राजेन्द्र कुमार
स्थान : हाजीपुर, जिला वैशाली (बिहार)
दिनांक : 11 मार्च 2026
वैशाली में समृद्ध किसान उत्सव सह किसान गोष्ठी का आयोजन जिले के हाजीपुर में कृषि जागरण नई दिल्ली और कृषि विज्ञान केंद्र वैशाली के संयुक्त प्रयास से समृद्ध किसान उत्सव सह किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए सैकड़ों किसानों ने भाग लिया।

इस कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अनिल किसान कुमार सिंह, वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान (कृषि विज्ञान केंद्र वैशाली) के दिशानिर्देश में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, दलहनी फसलों की खेती और कृषि नवाचारों के बारे में जागरूक करना था।
दलहनी फसलों के महत्व पर दी गई विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम के दौरान वरीय वैज्ञानिक डॉ. अनिल किसान कुमार सिंह ने किसानों को दलहनी फसलों के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दलहनी फसलें न केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती हैं बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी होती हैं।

उन्होंने किसानों को बताया कि दलहनी फसलों की खेती करने से खेत की मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, जिससे अन्य फसलों की उत्पादकता भी बेहतर होती है। इसके अलावा दलहनी फसलें किसानों के लिए आर्थिक रूप से भी लाभकारी साबित हो सकती हैं।
नई कृषि तकनीकों पर वैज्ञानिकों ने दिया प्रशिक्षण
कार्यक्रम में उपस्थित वैज्ञानिकों ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी भी दी।
कृषि अभियंत्रण वैज्ञानिक कुमारी नम्रता ने किसानों को सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल मशीन के उपयोग के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इस मशीन की मदद से बीज और उर्वरक की सही मात्रा खेत में डाली जा सकती है, जिससे उत्पादन में वृद्धि होती है।
इसके अलावा किसानों को सनई जुताई के बाद मूंग की खेती करने की तकनीक के बारे में भी जानकारी दी गई, जिससे किसानों को बेहतर उत्पादन प्राप्त हो सकता है।
नाइट्रोजन स्थिरीकरण पर वैज्ञानिकों की महत्वपूर्ण जानकारी
कार्यक्रम में उद्यान वैज्ञानिक डॉ. जूना दाखो ने दलहनी फसलों की जड़ों में पाए जाने वाले नाइट्रोजन स्थिरीकरण बैक्टीरिया के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि यह बैक्टीरिया वायुमंडल में मौजूद नाइट्रोजन को फिक्सेशन करके मिट्टी में उपलब्ध कराता है। इससे खेत की उर्वरता बढ़ती है और रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता भी कम हो जाती है।
15 किसानों को किया गया सम्मानित
समृद्ध किसान उत्सव के दौरान वैशाली जिले के विभिन्न प्रखंडों के 15 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। इन किसानों को उनके उत्कृष्ट कृषि कार्य और नवाचारों के लिए सम्मान दिया गया।
इसके साथ ही किसानों को दलहनी फसलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए उड़द के बीज भी उपलब्ध कराए गए।
300 से अधिक किसानों ने लिया कार्यक्रम में भाग
इस किसान गोष्ठी में 300 से अधिक किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान किसानों ने अपनी कृषि से जुड़ी समस्याएं भी वैज्ञानिकों के सामने रखीं, जिनका समाधान विशेषज्ञों द्वारा किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित सभी किसानों और मेहमानों को एनजीटी कंपनी द्वारा लालमाटी ऑर्गेनिक चाय भी परोसी गई, जिसका स्वाद सभी ने काफी सराहा।
कार्यक्रम को सफल बनाने में इनका रहा योगदान
इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में कई लोगों का महत्वपूर्ण सुजीत पाल (कृषि जागरण), रवि कुमार, रिचा श्रीवास्तव, रवि रंजन, सोनू कुमार, मोहित कुमार, दीपक योगदान रहा।