संवाददाता : मोहन सिंह
बेतिया / पश्चिमी चंपारण (बिहार)
बिहार विधानसभा के चालू सत्र के दौरान चनपटिया के कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन ने ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से राज्य के मान्यता प्राप्त पत्रकारों की सुविधा, सामाजिक सुरक्षा एवं कार्य परिस्थितियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि यह विषय केवल सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की गरिमा, सम्मान और प्रभावशीलता से सीधे जुड़ा हुआ है।

विधायक ने बताया कि वर्ष 1990 के पूर्व एवं उसके बाद लंबे समय तक मान्यता प्राप्त पत्रकारों को टेलीफोन पर रियायती दर, रेलवे यात्रा में रिपोर्टिंग छूट तथा राज्य परिवहन बसों में यात्रा सुविधा उपलब्ध थी। समय के साथ इन सुविधाओं को समाप्त कर दिए जाने से पत्रकारों को अपने पेशेगत दायित्वों के निर्वहन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में आज भी पत्रकारों को राज्य परिवहन बसों में यात्रा सुविधा प्रदान की जा रही है।
ध्यानाकर्षण सूचना में बिहार पत्रकार पेंशन योजना का भी उल्लेख किया गया। विधायक अभिषेक रंजन ने कहा कि योजना का उद्देश्य सराहनीय होने के बावजूद इसकी जटिल नियमावली के कारण अधिकांश पात्र पत्रकार लाभ से वंचित रह जाते हैं।
एक ही संस्थान में लगातार दस वर्षों तक कार्य करने की अनिवार्यता, संपादकीय सत्यापन एवं अन्य दस्तावेजी प्रक्रियाएं वर्तमान पत्रकारिता व्यवस्था में व्यावहारिक नहीं हैं, क्योंकि पत्रकार अलग-अलग संस्थानों में कार्य करते हैं और कई संस्थान समय के साथ बंद भी हो चुके हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले सरकारी स्तर पर नियमित प्रेस नोट, प्रेस कॉन्फ्रेंस एवं सूचनाओं का आदान-प्रदान होता था, जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता बनी रहती थी। वर्तमान में यह व्यवस्था कमजोर पड़ने से जनसूचनाओं के प्रवाह पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
सदन में पत्रकारों की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में पत्रकारों पर हमले, धमकी एवं उत्पीड़न की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे पत्रकारों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है।
कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन ने सरकार से मांग की कि पत्रकार पेंशन योजना की नियमावली सरल बनाई जाए, विभिन्न संस्थानों में कार्य अवधि को जोड़कर पात्रता निर्धारित की जाए, यात्रा एवं संचार संबंधी रियायतें पुनः बहाल की जाएं, राज्य परिवहन में यात्रा सुविधा शुरू की जाए तथा पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी एवं ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।