संवाददाता : मोहन सिंह
स्थान : बेतिया, जिला पश्चिम चम्पारण (बिहार)भैंसही विद्यालय के 12 बच्चे बीमार
पश्चिम चम्पारण जिले के चनपटिया प्रखंड क्षेत्र में स्थित भैंसही गांव के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार को अचानक भैंसही विद्यालय के 12 बच्चे बीमार पड़ गए। बच्चों के अचानक बीमार होने से स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और शिक्षकों तथा अभिभावकों में चिंता का माहौल बन गया।
प्रार्थना सभा के बाद एक-एक कर कई बच्चों ने पेट दर्द, सिर दर्द और उल्टी की शिकायत करनी शुरू कर दी। स्थिति को देखते हुए विद्यालय प्रशासन ने तुरंत सभी बच्चों को इलाज के लिए नजदीकी अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भैंसही में भर्ती कराया।
बच्चों की तबीयत बिगड़ने से स्कूल में मचा हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंगलवार सुबह स्कूल में प्रार्थना के पहले और बाद में बच्चों की तबीयत खराब होने लगी। कुछ ही देर में करीब 12 बच्चों को पेट दर्द और सिर दर्द की शिकायत होने लगी, जबकि कुछ बच्चों को उल्टी भी होने लगी।विद्यालय की प्रधानाध्यापिका माला कुमारी ने तुरंत स्थिति को संभालते हुए सभी बच्चों को अस्पताल भेजने का निर्णय लिया। इस दौरान अभिभावकों को भी सूचना दी गई, जिसके बाद कई अभिभावक अस्पताल पहुंच गए।
अस्पताल में कराया गया भर्ती, जीएमसीएच बेतिया रेफर
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय विधायक अभिषेक रंजन को भी सूचना दी गई। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से संपर्क कर बच्चों के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित कराई।
सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि बच्चों को प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए सभी को जीएमसीएच बेतिया रेफर कर दिया गया।
दो एम्बुलेंस के माध्यम से सभी 12 बच्चों को अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल सभी बच्चों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
बीमार बच्चों की सूची
पिंकी कुमारी (10), हिमांशु कुमार (11), अरुण कुमार (8), प्रिंस कुमार (10), शिवानी कुमारी (8), बिट्टू कुमार (10), साजन कुमार (10), सिमरन कुमारी (7), भोला कुमार (10), विकास कुमार (10), कृष्णा कुमार (8) और विशाल कुमार (11) शामिल हैं। सभी बच्चे भैंसही गांव के निवासी बताए जाते हैं।
सभी बच्चे भैंसही गांव के ही निवासी बताए जा रहे हैं।
बीमारी का कारण क्या हो सकता है?
प्राथमिक जांच में बच्चों ने शिक्षकों को बताया कि उन्होंने विद्यालय के चापाकल का पानी पी लिया था। वहीं कुछ बच्चों ने बताया कि स्कूल आते समय रास्ते में उन्होंने तुंत फल खाया था, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई।
संदेह के आधार पर शिक्षकों ने भी चापाकल का पानी पीकर देखा, लेकिन उन्हें कोई समस्या नहीं हुई। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की नजर
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की हालत फिलहाल सामान्य है और चिकित्सक लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं। मामले की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बच्चों के अचानक बीमार होने की असली वजह क्या थी।
