संवाददाता : मोहन सिंह
स्थान : बेतिया, जिला पश्चिमी चंपारण (बिहार)
दिनांक : 10 मार्च 2026
बेतिया में अमेरिका–इजरायल की युद्ध नीति के खिलाफ शांति मार्च
Bihar News: पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ जारी युद्ध और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के विरोध में भाकपा माले (CPI-ML) के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने युद्ध विरोधी शांति मार्च निकाला।
मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने “अमेरिका–इजरायल आपराधिक साम्राज्यवादी गठजोड़ मुर्दाबाद” और “ईरान के खिलाफ युद्ध पर तत्काल रोक लगाओ” जैसे नारे लगाकर युद्ध का विरोध किया।
ईरान के खिलाफ युद्ध पर रोक लगाने की मांग
शांति मार्च को संबोधित करते हुए भाकपा माले जिला कमिटी सदस्य सह अखिल भारतीय किसान महासभा जिला अध्यक्ष सुनील कुमार राव ने कहा कि अमेरिका और इजरायल की युद्धवादी नीतियाँ पूरी दुनिया में अस्थिरता और तबाही फैला रही हैं।
उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाई से आम जनता सबसे अधिक प्रभावित हो रही है, इसलिए भाकपा माले ने ईरान की जनता के प्रति अपनी गहरी संवेदना और एकजुटता व्यक्त की है।
महंगाई और अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा असर
माले नेता सुनील कुमार राव ने कहा कि यह युद्ध केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका असर भारत समेत पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ना शुरू हो चुका है।
उन्होंने बताया कि युद्ध के कारण तेल की कीमतों में वृद्धि, महंगाई और अंतरराष्ट्रीय तनाव का बोझ आम जनता को उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 950 रुपये से बढ़कर 1500–1600 रुपये तक पहुंच रही है, जो आम लोगों के लिए बड़ी चिंता का विषय है।
भारत सरकार से स्पष्ट रुख अपनाने की मांग
भाकपा माले नेता सह इंकलाबी नौजवान सभा जिला अध्यक्ष फरहान राजा ने केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत सरकार को युद्ध और साम्राज्यवादी आक्रमण के खिलाफ स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति हमेशा शांति, गुटनिरपेक्षता और कूटनीतिक समाधान पर आधारित रही है, इसलिए सरकार को विश्व शांति के पक्ष में पहल करनी चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कूटनीतिक समाधान की अपील
भाकपा माले नेता मुजिबूर्रहमान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ जारी युद्ध को तुरंत रोका जाए और संवाद व कूटनीति के माध्यम से समस्या का समाधान निकाला जाए।
माले नेता नवीन कुमार ने कहा कि दुनिया के लोग युद्ध नहीं बल्कि शांति और स्थिरता चाहते हैं और किसी भी समस्या का समाधान युद्ध से नहीं हो सकता।
देश में बढ़ते प्रभाव को लेकर जताई चिंता
भाकपा माले नेता संजय यादव ने कहा कि इस युद्ध का असर भारत पर भी दिखाई देने लगा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की नीतियों के कारण वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ रहा है और इसका प्रभाव आम जनता पर पड़ रहा है।
वहीं माले नेता महमद अफाक ने प्रधानमंत्री से मांग करते हुए कहा कि भारत को अमेरिका के दबाव में नहीं आना चाहिए और देशहित को प्राथमिकता देनी चाहिए।
शांति मार्च में बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल
इस शांति मार्च में बड़ी संख्या में भाकपा माले के कार्यकर्ता, समर्थक और स्थानीय नागरिक शामिल हुए।
माले नेता सुरेन्द्र चौधरी ने कहा कि ईरान–इजरायल युद्ध के केवल 11 दिन के भीतर ही वैश्विक स्तर पर आर्थिक प्रभाव दिखाई देने लगा है।
उन्होंने दावा किया कि LPG सिलेंडर की आपूर्ति में कमी के कारण देश के कई शहरों में होटल और रेस्टोरेंट प्रभावित हो रहे हैं।
इन नेताओं की रही उपस्थिति
शांति मार्च में कई माले नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:
नसरूल्लह, मंगल चौधरी, मुन्ना पासवान, छोटे मुखिया, अफाक अहमद, ठाकुर साह, जवाहर प्रसाद, रिखी साह, बृजेश यादव सहित अन्य नेता और कार्यकर्ता।