राजापाकर / वैशाली । संवाददाता: राजेन्द्र कुमार
राजकीयकृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, राजापाकर के परिसर में बाल विवाह के खिलाफ व्यापक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राज्य विधिक सेवा प्राधिकार पटना एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार हाजीपुर (वैशाली) की सचिव रितु कुमारी के निर्देश के आलोक में आयोजित हुआ। शिविर का संचालन विधिक सेवक पंकज कुमार द्वारा किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा के दुष्परिणामों से अवगत कराना तथा उन्हें उनके कानूनी अधिकार और कर्तव्यों की जानकारी देना था। शिविर में विद्यालय के प्रधानाध्यापक विजय कुमार, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण से हुई, जिसमें बाल विवाह की गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी हानियों पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने बताया कि कम उम्र में विवाह होने से बच्चों का शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास प्रभावित होता है। विशेष रूप से बालिकाओं की शिक्षा बाधित होती है, जिससे उनका आत्मनिर्भर बनने का लक्ष्य अधूरा रह जाता है। कम उम्र में गर्भधारण से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर बढ़ने का खतरा भी रहता है।
प्रधानाध्यापक विजय कुमार ने कहा कि शिक्षा ही समाज से कुरीतियों को समाप्त करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं बाल विवाह का विरोध करें और अपने परिवार व समाज को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने बताया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है और इसमें शामिल लोगों पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
विद्यार्थियों को यह भी जानकारी दी गई कि आसपास कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलने पर तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 तथा निःशुल्क विधिक सहायता के लिए 15100 पर संपर्क करें। कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने बाल विवाह मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर केशव नारायण राय, बिंदेश्वर प्रसाद सिंह, प्रीति कुमारी, रूपा कुमारी, रविंद्र कुमार रवि, प्रवीण कुमार सहित कई लोग उपस्थित रहे।