संवाददाता रवीन्द्र नाथ गुप्ता
आजमगढ़ : जिला मुख्यालय स्थित राहुल प्रेक्षागृह में जिले की सभी महिला संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने मिलकर नारी सशक्तिकरण को लेकर हमारी प्रेरणा हमारा आदर्श विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एसिड अटैक सरवाइवर व ब्रांड एंबेसडर वूमेन एंपावरमेंट उत्तराखंड कविता बिष्ट रही।
आपको बता दें कि कविता बिष्ट 19 साल की उम्र में एसिड अटैक का शिकार हुई थी। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की जरूरत है सरकार सिर्फ बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा ना दे महिलाओं को घर बैठे कुछ रोजगार भी उपलब्ध कराएं कहा की महिलाएं डर से बाहर निकल कर साहस दिखाएं और आत्मनिर्भर बनकर महिला सशक्तिकरण दिशा में आगे बढ़कर प्रेरणा बने। जिले की महिला संगठनों से अपील किया कि उनके संगठन से जुड़ कर महिलाओं की बेहतरी के लिए काम करें।
उल्लेखनीय है कि कविता बिष्ट जब 19 साल की थी, तब उन पर एसिड से हमला किया गया था. इस हमले में कविता गंभीर रूप से घायल हो गई थीं और उनकी आंखों की रोशनी चली गई थी. इस हमले के बाद भी कविता ने अपने हौसले को बुलंद रखा और संघर्ष किया. साल 2008 में कविता पर एसिड से हमला किया गया था और उसके कई सालों बाद उनके हौसले को देखते हुए उत्तराखंड की सरकार ने 2013 में उन्हें राज्य नारी सशक्तिकरण का ब्रांड एंबेसडर बनाया. कविता को ब्रांड एंबेसडर बनाने की घोषणा करते हुए उत्तराखंड के तत्कालीन सीएम हरीश रावत ने कहा था कि कविता ने संघर्ष का सामना किया और आज न केवल अपने पैरों पर खड़ी हैं, बल्कि दूसरी महिलाओं को भी प्रेरित कर रही हैं. रावत ने उनकी तारीफ में कहा था कि वह वह दुर्गा का ही एक रूप हैं. अल्मोड़ा की रहने वाली हैं कविता
जब कविता के पिता का निधन हुआ था तो उनके पास पिता का अंतिम संस्कार करने के लिए पैसे नहीं थे और उन्हें इसके लिए चंदा करना पड़ा था. कविता उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के करल गांव की रहने वाली हैं और अभी वह विकलांग लोगों की मदद करती हैं.