संवाददाता : पंकज कुमार
अम्बेडकर नगर जिले मे आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) को विस्तार के लिए अम्बेडकर नगर के विधानसभा टाण्डा व नगर पंचायत दरगाह में समीक्षा बैठक किया गया।समीक्षा बैठक में सचिन कुमार को विधानसभा टाण्डा कोषाध्यक्ष,मोनू को विधानसभा सचिव, नवाज अशरफ को नगर अध्यक्ष,विकास सेन भारती को विधानसभा प्रभारी, रियाज खान को अशरफपुर किछौछा से नगर सचिव, निजामुद्दीन शेख को जिला सचिव(जलालपुर)बनाया गया।नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष ने नवनिर्वाचित सभी पदाधिकारियों को उज्जवल भविष्य की कामनाएं भी की।मौके पर वरिष्ठ नेता बब्लू राज, खालिद,रियाज,धुरंधर राव,निजामुद्दीन शेख,समाजसेवी विवेक कुमार आदि मौजूद रहे।इसी कड़ी में नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष ने बताया कि अब तो बहुजन समाज को ही तय करना है कि मान्यवर कांशीराम जी द्वारा बनी पार्टी बीएसपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने
बहुजन हिताय – बहुजन सुखाय को सर्वजन हिताय – सर्वजन सुखाय में बदलकर बहुजन विचार-धारा को बदलकर बहुजन समाज को गर्त्त की तरफ ढकेल दिया। किसको फायदा पहुंचने वाला है । जहां मिशन का उददेश्य ही बदल जाये वहां समाज का कितना भला होगा ये तो समाज ही तय करें ।आपको बता दें कि एड.चंद्रशेखर आज़ाद ने दूसरी तरफ बाबा साहब व मान्यवर कांशीराम जी की सौगंन्ध खाकर एक सरफिरा सा नौजवान बहुजन नायक जिसने पूरे भारत में मूवमेंट में जान डाल कर बहुजन मूवमेंट को फिर से खडा़ कर दिया है और मान्यवर कांशीराम के नारा “बहुजन हिताय” – “बहुजन सुखाय” को चरिर्तार्थ करने के लिये सभी मनुवादी ताकतों से अकेले लड़ते हुये आगे बढ़ता चल रहा है और अब देखना ये है कि भीम आर्मी व आजाद समाज पार्टी (कांशीराम)जिस समाज के लिये संघंर्ष करते हुये जान हथेली पर रख बहुजन समाज की तरक्की व न्याय दिलाना चाह रहे है वह समाज कितना साथ देता है।यही नहीं केवल विपक्षी पार्टियां दूसरों की चमचागिरी कर गलत बातों का प्रचार कर बाबा साहब के मूवमेंट को नुकसान पहुंचा रहे है ।
बहुजन समाज को अपने विवेक से फैसला लेना है कि आज कौन बहुजन समाज के सम्मान के लिये सड़क से जेल तक लड़ रहा है । अभी भी समय है बहुजन समाज संगठित होकर भीम आर्मी प्रमुख व आजाद समाज पा्र्टी के अध्यक्ष चन्द्रशेखर आजाद का आगे आकर खुलकर साथ दे क्योंकि जन्मों में कोई ऐसा बहुजन नायक पैदा होता है ये कहना गलत ना होगा कि मान्यवर कांशीराम जी के बाद भारत में माननीय एड0 चन्द्रशेखर आजाद जी। के दिल में बहुजन समाज का दर्द है जैसे मान्यवर कांशीराम के दिल में था और भारत भर के बहुजन समाज को एक जुट कर सम्मान दिलाने का काम किया था ।
इसलिये समाज अब सही फैसला ले कि किसके हाथो में बहुजन समाज का हित व सम्मान सुरक्षित है।