संवाद जनवाद टाइम्स न्यूज
बाह: बाह क्षेत्र के यमुना के बीहड में बसे गांव सुंसार गांव से सोमवार को प्रसव पीडा होने पर उमा देवी को ट्रैक्टर ट्राली से लेकर परिजन बाह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे। ट्राली में चारपाई पर लेटी प्रसूता बीहड के रास्ते पर हिचकोले खाते हुए पहुंची तो देखने वाले भी हैरत में पडे बिना नहीं रहे। उमा देवी के पति जयप्रकाश आदि ने बताया कि पांच दिन पहले सोनू की पत्नी हीरादेवी को प्रसव पीडा होने पर एंबुलेंस को कॉल किया था।
लेकिन एंबुलेंस मंसूरपुरा तक ही पहुंची और करीब चार किमी बीहड के रास्ते पर प्रसूता को पैदल चलना पडा था। इसलिए ट्रैक्टर ट्राली से प्रसव पीडिता को लेकर आए है।सोमवार को ही अपर स्वास्थ्य निदेशक डाक्टर अविनाश कुमार सिंह बाह सीएचसी पर पहुंचे थे। एम्बुलेंस के बारे में पूछने पर बोले बाह में एंबुलेंस की व्यवस्था ठीक नहीं है। गांव से प्रसव के लिए महिलाओं को दूसरे साधनों से लाना पड रहा है। गांव तक एंबुलेंस पहुंचने की व्यवस्था की जाएगी।
केस 1: सात सितम्बर को चंबल के बीहड के टीले पर बसे भगवानपुरा गांव की पिंकी को प्रसव पीडा होने पर एंबुलेंस को कॉल किया था। एंबुलेंस न पहुंचने पर परिजन पिंकी को टाटा मैजिक से सीएचसी लाने को मजबूर हो गए थे।
केस 2: चौदह सितम्बर को बाह के भूपालपुरा गांव की कविता को प्रसव पीडा होने पर परिजन ट्रैक्टर ट्राली से बाह सीएचसी लाए थे। परिजनों का कहना था कि इससे पहले भाभी को प्रसव के लिए एंबुलेंस से लाए थे। डेढ किमी पैदल चलना पडा था। इसीलिए एंबुलेंस को काल नहीं किया।
केस 3: सोलह सितम्बर को भगवानपुरा की वीनेश को प्रसव पीडा हुई थी। सुबह 102 एंबुलेंस को कॉल किया था। दोपहर तक एंबुलेंस न पहुंचने पर परिजन वीनेश को टेम्पो से बाह सीएचसी पर लाए थे।