संवाददाताा कुलदीप । क़स्बा बाह में स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा मरीजो के साथ किया जा रहा दुर्व्यवहार एक चिंता का विषय है।यहाँ आये दिन मरीजों द्वारा डॉक्टरों के न मिलने,दवा बाहर से लिखने,मरीजों को एडमिट न करने की शिकायत देखने को मिलती हैं।

ऐसा ही एक वाकया आज भी स्वास्थ्य केंद्र बाह पर देखने को मिला जब एक गरीब महिला श्री देवी निवासी पिढौरा अपनी बहू को इलाज कराने के लिए बाह स्वास्थ्य केंद्र पर आई थी।पीड़िता पिछले दिनों सड़क दुर्घटना में घायल हो गयी थी जिसका इलाज आगरा के एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहा था।

लेकिन पैसों के अभाव के चलते महिला के परिजन उसे आगरा से छुट्टी कराकर बाह CHC लेकर आये यहाँ उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से महिला को एड्मिट कर इलाज करने की गुहार लगाई लेकिन यहाँ ड्यूटी कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों ने महिला के परिजनों से डॉक्टरों के न आने की बात कहते हुए किसी प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराने की बात कही लेकिन जब पीड़ितों ने अत्यधिक गरीब होने और पैसे न होने की बात कही तो स्वास्थ्य कर्मी आग बबूला हो गए और अभद्रतापूर्ण व्यवहार करने लगे।घायल महिला के परिजनों की सूचना पर मीडिया कर्मी भी अस्पताल पहुंच गए लेकिन अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों के अभद्रतापूर्ण व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया अंत मे लगभग 2 घंटे तक इमरजेंसी के बाहर इंतजार करने के बाद थक हारकर परिजन रोती कराहती महिला को घर लेकर चले गए।
बता दें कि बाह में स्वास्थ्य सेवाओं के लिये न तो अच्छे प्राइवेट अस्पताल हैं और न ही सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में अच्छे इलाज की कोई व्यवस्था है इसलिए लोगों को मजबूरन 80 किलोमीटर दूर इलाज के लिये आगरा जाना पड़ता है और कई बार तो पहुँचते-2 इतनी देर हो जाती है कि लोगों को जान तक से हाथ धोना पड़ता है।बाह के लोगों द्वारा कई वर्षों से उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी तहसील बाह को जिला बनाने की माँग की जा रही है जिससे कि बाह में अच्छी स्वास्थ्य सेवायें मुहैया हो सकें।