संवाद जनवाद टाइम्स न्यूज
बाह: कस्बा के नगरपालिका क्षेत्र के सफाईकर्मियों ने दस दिन बाद भी वेतन न मिलने पर विरोध प्रदर्शन किया।सफाईकर्मियों ने कस्बा से एकत्रित किया कूड़ा और गंदगी भारतीय स्टेट बैंक की शाखा के गेट पर लाकर डाल दी और बैंक कर्मियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कस्बा क्षेत्र में गलियों और नालों की सफाई की जिम्मेदारी नगरपालिका के सफाई कर्मचारियो की है।सफाई के एवज में उन्हें हर माह निर्धारित वेतन दिया जाता है जो कि कस्बा की स्टेट बैंक शाखा द्वारा व्यक्तिगत खातों में ट्रांसफर किया जाता है।बुधवार सुबह कर्मचारियों ने बैंक मैनेजर और कर्मचारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए रोष व्यक्त किया और कस्बा से एकत्रित किया हुआ कूड़ा करकट और गंदगी बैंक के गेट पर लाकर पलट दी और बैंक कर्मचारियों के खिलाफ नारेबाजी की।

कर्मचारियों का आरोप है कि नगरपालिका कार्यालय से सफाई कर्मचारियो के वेतन वास्ते दस दिन पहले चेक जमा कराया गया था लेकिन बैंक मैनेजर और कर्मचारी ने उसे क्लियर नही किया जिसके चलते कर्मचारी वेतन आहरित नहीं कर सके।बैंक कर्मचारियों की लापरवाही बरतने को लेकर सफाई कर्मचारियो ने वेतन न मिलने तक सफाई कार्य न करने की बात कही।

कर्मचारियों के प्रदर्शन को देखकर थाना पुलिस और नगरपालिका अध्यक्ष सुनील बाबू मौके पर पहुँच गए उन्होंने सफाई कर्मचारियो को समझाने का प्रयास किया लेकिन सफाई कर्मचारियो ने वेतन नहीं तो सफाई नहीं के नारे लगाना शरू कर दिया।नगर पालिका अध्यक्ष ने कर्मचारियों की समस्या को लेकर बैंक मैनेजर से बात कर तत्काल वेतन ट्रांसफर कराया तब जाकर सफाई कर्मचारियो ने बैंक के गेट से कूड़ा हटाया।

सफाई कर्मी सुभाष ने बताया कि शाखा के बैंक कर्मचारी जब भी बैंक जाओ तो परेशान करते हैं। पैसे की जमा और निकासी के दौरान भी परेशान करते हैं और कम धनराशि निकालने या जमा करने के लिए जनसेवा केन्द्रों पर भेज देते हैं।वहीं जब इस संबंध में भारतीय स्टेट बैंक के मैनेजर विवेक सक्सेना से बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने पत्रकारों से बात करने से ही मना कर दिया।