संवाददाता प्रताप सिंह आजाद
आगरा। आठवें अंतर्राष्ट्रीय ताज रंग महोत्सव के आखिरी दिन ताज नगरी की धरती पर देश और विदेश के कलाकारों की प्रस्तुति की धूम दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई। डॉ भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के जुबली हॉल में 22 सितंबर से शुरू हुए अंतर्राष्ट्रीय ताज रंग महोत्सव के आखरी दिन महोत्सव का शुभारंभ मुख्य अतिथि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल, कार्यक्रम संयोजक अलका सिंह, डॉ भानु प्रताप सिंह, प्रोफेसर डॉ विनोद महेश्वरी, डॉ आनंद टाइटलर, रोहित कत्याल ने संयुक्त रूप से नृत्य संगीत के देवता भगवान नटराज एवं स्वर संगीत की देवी मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया।
अतिथि देवो भव की परंपरा का निर्वहन करते हुए नट्रांजलि थिएटर आर्ट की ओर से मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों का अंग वस्त्र पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया। शुभारंभ के मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रोफेसर एचपी सिंह बघेल ने कहा कला, साहित्य ,संगीत ,नृत्य सदियों पुरानी परंपरा है भारत इस परंपरा को महोत्सव के रूप में बरसों से मानता आ रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में विभिन्न नृत्य कलाओं के माध्यम से साहित्य संगीत और कल की परंपरा को आगे बढ़ाया जा रहा है यह विभिन्नता में एकता का प्रतीक है। ताज रंग महोत्सव जैसे कार्यक्रम नवोदित कलाकारों को एक मंच प्रदान करते हैं जो आगे जाकर देश दुनिया में अपनी संस्कृति सभ्यता और संस्कार का परिचय देते हैं। इस मौके पर उन्होंने कहा कि देश बदल रहा है आगे आने वाले समय में शास्त्रीय संगीत शास्त्रीय नृत्य हमारे हर छोटे-बड़े आयोजन के मुख्य आकर्षण होंगे। अभी जी 20 की बैठक में प्रधानमंत्री ने अतिथि देवो भव की परंपरा के निर्वहन में भारत के विभिन्न हिस्सों की कलाओं का दुनिया भर के नेताओं के सामने प्रस्तुतीकरण कराया।
*नेपाली और इंडोनेशिया के कलाकारों ने दिखाइ अपनी कला*
अंतर्राष्ट्रीय ताज रंग महोत्सव के मंच पर कार्यक्रम के आखिरी दिन देशभर के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों के साथ इंडोनेशिया और नेपाल के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने-अपने देश की नृत्य और संगीत कला का अनूठा संगम पेश किया। इस मौके पर नेपाली नृत्य दर्शकों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा।
*इन कलाकारों ने दी प्रस्तुति*
झारखंड के धनबाद से आई धनबाद क्वीन 5 वर्षीय बालिका कनक ने आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। हाथरस से आई सिया पोरवाल ने कत्थक नृत्य प्रस्तुत कर भारतीय संस्कृति की अनोखी छटा मंच पर दर्शाई। कथक नृत्यांगना नमिता वाजपेई के निर्देशन में परी तिवारी तनिष्का बाजपेई, शालू सिंह, मोनिका सिंह, मोनिका गौतम, वेदिका वहल, आयत अली, सृष्टि मुद्गल दिव्या यादव ने शानदार प्रस्तुति देकर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया।
*झूठ बोले कौवा काटे काले कौवे से डरियो गाने की थीम पर बांधा समां…..*
झूठ बोले कौवा काटे काले कौवे से डरियो’ गीत पर कलाकारों ने शानदार नृत्य दर्शकों को लुभाया। नन्हें मुन्ने कलाकारों ने सामूहिक नृत्य के माध्यम से लोक कला और लोक नृत्य का अनोखा संगम सांस्कृतिक मंच पर प्रस्तुत किया।
*मुंबई की पूजा शर्मा रेखा ने शेयर किये अनुभव*
मुंबई महाराष्ट्र से आई पूजा शर्मा रेखा ने कलाकारों के बीच भारतीय लोक गीत नृत्य कला के विषय में अपने विचारों से कलाकारों को अवगत कराया। उन्होंने कहा साहित्य संगीत और कल के अभाव में मानव जीवन की कल्पना भी निरर्थक है। जब इंसान चारों ओर से परेशान होता है तब वह साहित्य और संगीत की शरण में जाता है संगीत और कला से शांति मिलती है।
*देश-विदेश की सांस्कृतिक छटा*
इस दौरान इंडोनेशिया, नेपाल,ओडिशा के कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। शानदार प्रस्तुतियों को हर किसी ने सराहा। महोत्सव में कई देशों के साथ भारत के विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक छटा परिलक्षित है।
*इन्होंने किया अतिथियों का स्वागत*
नटरांजलि थिएटर आर्ट्स की निदेशक और महोत्सव की संयोजक अलका सिंह, डॉ. भानु प्रताप सिंह, मुख्य मार्गदर्शक डॉ. आनंद टाइटलर, रोहित कत्याल,आदर्श नंदन गुप्त ने मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।महोत्सव के मुख्य संरक्षक विजय कुमार बंसल ने सभी कलाकारों को शानदार प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी।
उल्लेखनीय उपस्थिति
इस मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल,संस्कार भारती के बांकेलाल गौड़ ,राजेंद्र सचदेवा, संजय तोमर, डॉ विनोद महेश्वरी,नितेश शर्मा,आदर्श नंदन गुप्त, भानु प्रताप सिंह, दिगंबर धाकरे, रोहित कत्याल,अनीता दुबे, हेमा शर्मा,नवीन गौतम,गौरव शर्मा,कपिल बाजपेई, नमिता बाजपेई, लालाराम तेनगुरिया टोनी फास्टर आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।