संवाद जनवाद टाइम्स न्यूज
बाह: बाह के फरैरा गांव में चल रही रामकथा में सोमवार को साध्वी उमा ने रामसीता विवाह के प्रसंग पर प्रवचन किए। उन्होंने कोख में हो रहे कन्याओं के कत्ल पर चिंता जताई और रामकथा पांडाल में मौजूद महिलाओं को कोख में कन्याओं को न मारने की शपथ दिलाई। उन्होंने बेटी बचाओ और बेटी पढाओ का संदेश दिया और कहा कि अब शादियों में आठवां वचन बेटी को बचाने का लिया जाना चाहिेए।
बेटियों के बिना घर आंगन सूने होते है। विवाह के बाद सीता की विदाई पर उन्होंने कहा कि साधारण मनुष्य की क्या बात जब विदाई के वक्त राजा जनक अपनी आंखों में आंसू नहीं रोक पाए। उन्होंने कहा कि बेटियां प्रेम और करुणा की साक्षात मूर्ति होती है।
इस दौरान बेटी बचाओ के संदेश वाले संगीत मय भजन गाकर उन्होंने महिलाओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।