संवाददाता : मुस्कान सिंह आजाद
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने भारतीय शैक्षणिक प्रणाली में कई महत्वपूर्ण परिवर्तनों का संकेत दिया है, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, और कोडिंग को बढ़ावा देने के लिए विशेष ध्यान दिया गया है। नई शिक्षा नीति के अनुसार कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स और कोडिंग लैब का महत्व बढ़ा दिया गया है ताकि छात्रों को इन लैब के माध्यम से तकनीकी ज्ञान का मूल्यांकन करने का अवसर मिलेगा। ये प्रयोगशालाएँ उन्हें प्रौद्योगिकी के अनुसंधान और विकास के क्षेत्र में सक्षम बनाएँगी।
स्कूली शिक्षा में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवाचारों की स्थापना की पहल करते हुए *प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल ने छात्रों के लिए ए.आर. सी. (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स एंड कोडिंग लैब)* की स्थापना की है। यह लैब सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सेवा देने वाली देश की जानी पहचानी कंपनी *पी.एच.एन. टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, पुणे* की ओर से निशुल्क स्थापित की गई है। *आगरा में यह पहला विद्यालय है,* जिसमें इस प्रकार के लैब की स्थापना की गई है, जिसे शैक्षणिक संरचना के साथ एकीकृत किया जाएगा। इसी कड़ी में *शुक्रवार , 29 मार्च, 2024* को विद्यालय में नवनिर्मित एवं अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित प्रयोगशाला का उद्घाटन विद्यालय के *निदेशक डॉ. सुशील गुप्ता एवं श्री चक्रवर्ती गुप्ता ( सीनियर प्रोग्राम मैनेजर, पी.एच.एन. टेक्नोलॉजी, पुणे )* के कर-कमलों द्वारा किया गया।
इसकी स्थापना का मुख्य उद्देश्य शिक्षा में तकनीकी पहलू को बढ़ाकर छात्रों को तकनीकी शिक्षा में पारंगत करने के साथ-साथ उनको रोबोटिक्स और उसके उपयोगों में शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करना है। यहाँ छात्रों को सैद्धांतिक अध्ययन के साथ-साथ प्रैक्टिकल अनुभव भी प्राप्त होगा, जो उन्हें रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं कोडिंग के क्षेत्र में विशेषज्ञता प्राप्त करने में मदद करेगा। इस लैब में नवीनतम और उत्कृष्ट रोबोटिक्स उपकरणों और सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाएगा, जो छात्रों को वास्तविक जीवन में रोबोटिक्स के उपयोग की अनुभूति देने में मदद करेगा।
विद्यालय के निदेशक डॉ. सुशील गुप्ता ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जानकारी दी यह ए.आर.सी.लैब छात्रों के लिए एक अद्वितीय संसाधन है, जो उन्हें नवीनतम प्रौद्योगिकी के साथ-साथ रोबोटिक्स एवं कोडिंग में अभिनव गतिशीलता का अनुभव प्रदान करेगा। हम उम्मीद करते हैं कि यह लैब हमारे छात्रों में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने में मदद करेगी और उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक बनाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि अब विद्यालय में 12 प्रयोगशालाएँ हो गईं हैं, जो सामान्यतः अन्य विद्यालयों में नहीं होती है।
इस अवसर पर अभिभावकगण ने भी प्रयोगशाला का अवलोकन किया एवं डॉ. गुप्ता ने भी उन्हें इससे संबंधित समस्त जानकारी प्रदान की। इसके साथ ही चक्रवर्ती गुप्ता ने अभिभावकगण की जिज्ञासाओं को शांत किया।
प्राचार्य अरविंद श्रीवास्तव ने कहा कि यह प्रयोगशाला विज्ञान, इंजीनियरिंग और तकनीकी नवाचारों के संगम पर आधारित है। हमारे नवाचारी छात्र इस लैब के माध्यम से नवीनतम रोबोटिक्स और कोडिंग की तकनीकों को सीखने और उन्हें अपने नवीनतम प्रयोगों में अनुप्रयोग करने के अवसर प्राप्त करेंगे।