संवाद जनवाद टाइम्स न्यूज
जैतपुर: जैन समुदाय के पर्यूषण पर्व के छठवें दिन उत्तम संयम धर्म मनाया गया जिसमें आर्यिका विप्राश्री माता जी ने सभी भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तम संयम धर्म हमे अपनी इच्छाओं को अपने अधीन रखना के विषय मे बताता है।और इच्छाओं को अपने वश में रखना ही संयम है।
संयम से सुख की प्राप्ति होती है और मनुष्य मोक्ष पद को पा लेता है।
बुधवार को उत्तम संयम के दिन पूज्य माता द्वारा प्रवचन दिए गए जिसे समुदाय के सभी लोगों ने श्रवण किया।आज की शांतिधारा पुण्यार्जक का सौभाग्य नवीन कुमार, संदीप कुमार सौरभ जैन भट्टे वाले परिवार को मिला।
आज आचार्य विराग सागर महाराज के श्री चरणों में दीप प्रवज्वल्लन विराग विप्राश्री बालिका मंडल द्वारा किया गया।मंदिर कमेटी के उपाध्यक्ष प्रिंस जैन ने बताया कि इस दस धर्मो के सम्पूर्ण जैन समुदाय तीर्थंकर भगवान की पूजा अर्चना करते है।इन 10 दिनो की महत्वता बहुत ज्यादा होती है
इंद्रियों को वश में कर लेना है :उत्तम संयम धर्म,
उत्तम संयम पाले ज्ञाता,
नरभव सफल करे ले साता।
जो ज्ञानवान व्यक्ति उत्तम संयम धर्म का पालन करता है वह अपने मनुष्य पर्याय को धन्य करते हुए सभी सच्चे सुखों को प्राप्त करता है यानि मोक्ष पद को प्राप्त करता है ।
इसलिए हम सभी को मन वचन कर्म से उत्तम संयम धर्म का पालन कर अपनी सभी बुराइयों पर विजय प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिये।
आज नरेंद्र रावत, मनोज रावत, प्रवीण जैन बजाज, अशोक जैन, गोल्डी जैन, संजीव जैन, यश, हर्ष, रिसभ,बबिता, बबली, सुनीता, सितारा देवी, रीना, लक्ष्य, सेल्वी, खुशी, रिया, अशी, श्रष्टि, अदिति मौजूद रहे।