संवाददाता सुशील चंद्रा
बाह: बाह क्षेत्रान्तर्गत आने वाले रुदमुली गावँ में बीती शाम दर्जनों ग्रामीणों के कोरोना संक्रमित होने की खबर क्षेत्र में हवा की तरह फैल गयी।जिससे ग्रामीणों में ही नहीं स्वास्थ्य विभाग में भी हड़कंप मच गया।रात्रि में ही बाह से स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक टीम के साथ गावँ में पहुँचे और ग्रामीणों से बात कर स्थिति का जायजा लिया।साथ ही ग्राम प्रधान रुदमुली से भी जानकारी ली।लेकिन दर्जनों ग्रामीणों के कोरोना संक्रमित होने की फैली खबर झूठी निकली।प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम सोशल मीडिया पर एक खबर जमकर वायरल हुई जिसमें बाह तहसील के रुदमुली गावँ में दर्जनों ग्रामीणों को कोरोना संक्रमित होना दिखाया गया।खबर से ग्रामीणों सहित स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।

रुदमुली गावँ की बंद पड़ी बिल्डिंग जिसमें अस्पताल संचालित होता था ऊपर तथा वर्तमान में गावँ में संचालित आयुष्मान केंद्र नीचे

आनन फानन में रात्रि में ही स्वास्थ्य विभाग की टीम गावँ में पहुँच गयी और ग्रामीणों से संक्रमित लोगों के बारे में जानकारी जुटाने लगी।लेकिन पूरे गावँ में कोई भी संक्रमित व्यक्ति नहीं मिला।वहीं ग्राम पंचायत के प्रधान प्रतिनिधि जोगेंद्र सिंह ने बताया कि उनके गावँ में कोई भी व्यक्ति संक्रमित नहीं है ग्रामीण हिम्मत सिंह चौहान ने भी बताया कि कोई भी ग्रामीण संक्रमित नहीं है।बीती 24 मई को गावँ में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वैक्सीनेशन भी किया और कोविड की जाँच भी की थी लेकिन कोई संक्रमित नहीं मिला था।गावँ में दर्जनों व्यक्तियों के संक्रमित होने की जो खबर वायरल हो रही है वह पूरी तरह से गलत है।वहीं इस वायरल खबर के बारे में बाह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक जिंतेंद्र वर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि गुरुवार शाम को ट्विटर के माध्यम से एक खबर वायरल हुई थी जिसमें दर्जनों ग्रामीणों के कोरोना संक्रमित होने की बात कही गयी थी जिसके संबंध में उन्होंने टीम के साथ रात्रि में ही गावँ में जाकर ग्रामीणों से संक्रमितों के बारे में जानकारी ली तो किसी भी व्यक्ति के संक्रमित नहीं होने की जानकारी मिली।

खेडा देवीदास में नवीन सरकारी बिल्डिंग जहाँ 1994 से संचालित हो रहा अस्पताल
उन्होंने बताया कि बीते 24 मई को गावँ में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वैक्सीनेशन किया है साथ ही 88 लोगों की कोरोना जाँच भी की गई थी जिसमें कोई संक्रमित नहीं मिला था।काफी समय पहले गावँ में बाहर से आये हुए 12 लोग संक्रमित मिले थे लेकिन अब वो पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं और वर्तमान में रुदमुली गावँ कोरोना से मुक्त है।ग्राम प्रधान से भी इस संबंध में बात की तो उन्होंने भी खबर के पूरी तरह झूठी और निराधार होने की पुष्टि की है।अगर भविष्य में कोई भी व्यक्ति संक्रमित होता है तो वह स्वास्थ्य विभाग को जरूर अवगत कराएंगे।वहीं अधीक्षक जितेंद्र वर्मा ने रुदमुली में बंद पड़े अस्पताल के बारे में बताया कि यह अस्पताल निजी बिल्डिंग में संचालित किया जा रहा था जो कि वर्ष 1994 तक रुदमुली गावँ में संचालित किया गया जो कि कागजों में खेड़ा देवीदास गावँ के नाम से है।वर्ष 1994 में खेडा देवीदास में सरकारी बिल्डिंग बनने के बाद रुदमुली में निजी बिल्डिंग में संचालित अस्पताल को और समस्त उपकरणों आदि को खेड़ा देवीदास में शिफ्ट कर दिया गया।तब से यह अस्पताल यहीं संचालित हो रहा है।रुदमुली गावँ में कोई भी सरकारी अस्पताल स्वीकृत नहीं है।