संवादाता – प्रताप सिंह आजाद
चार दिवसीय कीर्तन समागम में पहुची आगरा की महापौर ने धन धन श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के आगे मत्था टेका और संगत से कहा कि हर बार समागम में आने का सौभाग्य प्राप्त हो।

बता दें कि गुरुद्वारा दशमेश दरबार शहीद नगर विभवनगर पर गुरबाणी विचार शब्द कीर्तन समागम मीरी पीरी के मालिक छठवीं पातशाही धन-धन श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी के प्रकाश पर्व की खुशी में आयोजित किया गया । समागम में पहुंचीं महापौर हेमलता दिवाकर का स्त्री विंग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा गुरु की हजूरी में शस्त्र गुरु की तलवार गुरु का सरोपा पहनाकर पुष्प बुक्का भेट कर स्वागत किया ।

समागम मैं पंथ के महान गुरबाणी विचारक एवं गुरबाणी कीर्तनिय जत्थो ने अपनी हाजिरी भर के गुरु रूप साध संगत के दर्शन कर गुरु के कीर्तनकार कथावाचक अमोलक शब्द गुरबाणी कीर्तन की वर्षा से निहाल निहाल किया । हरजिंदर सिंह , सुखप्रीत सिंह, सुखमनी सेवा सभा के हरमन प्यारे, महेंद्र पाल सिंह, वीर गुरशरण सिंह, एवं साथियों द्वारा अपनी हाजिरी दी 1 गुरु जैसा नाही को देव जिस मस्तक भाग सो लागा सेव 2 सतगुरु मेरा बेह मोहताज सतगुरु मेरा सचा-साच 3 सतगुरु मेरा सबस का दाता सतगुरु मेरा पुरख बिदाता 4 सभना दा मा पियो आप है मा पियो आप है आपे सार करे बोले सो निहाल सत श्री अकाल के जयकारों के साथ ज्ञानी मंशा सिंह द्वारा अरदास गुरु का हुकमनामा मंजीत सिंह ने लिया । धन धन श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को अपने निज स्थान सचखंड पहुंचा कर सभी धर्म प्रेमियों ने गुरु का अटूट लंगर चखा , समागम में आए सभी गुरु रूप संगत का प्रधान हरपाल सिंह द्वारा आभार व्यक्त किया गया । अमरजीत कौर, हरविंदर कौर,सिम्मी सलूजा, चांदनी भोजवानी, ज्योति अरोड़ा, सरनजीत कौर, हरजिंदर कौर, गुलजीत कौर,कुलबीर कौर, सरबजीत कौर,नीतू ऑबरॉय, रंजीत कौर,