संवाददाता –राजेन्द्र कुमार
वैशाली /राजापाकर । पुलिस की गतिविधि का विरोध जताते हुए मृतक पप्पू सिंह के शव को बरामद करने की मांग करने लगे. मामले की नजाकत को देखते हुए एसपी वैशाली, एडीएम वैशाली, एसडीएम महुआ, एसडीपीओ महुआ सहित बिदुपुर, चांदपुरा, महनार, महुआ, पातेपुर, भगवानपुर, सराय, सहदेई सहित विभिन्न थाने की पुलिस राजापाकर थाने पहुंची. तथा लोगों को समझाया बुझाया. लेकिन भीड़ शव की मांग पर अड़े रहे. गौरतलब हो कि बरियारपुर पंचायत के पूर्व मुखिया शिवचंद सिंह उर्फ शिबू सिंह के ने 4 मार्च को राजापाकर थाने में आवेदन देकर अपने 36 वर्षीय पुत्र पप्पू सिंह की गुमशुदा की रिपोर्ट दर्ज कराया था. उसी रात परिजनों ने राजापाकर थाना अध्यक्ष वीणा कुमारी को पप्पू सिंह की चार चक्का गाड़ी का जीपीएस लोकेशन ट्रैक कर बताया कि गाड़ी राघोपुर थाना के पास है. जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 4 मार्च को उक्त गाड़ी को राघोपुर थाना से 100 मीटर पीछे लावारिस हालत में पाया गया. वहीं परिजन ने आशंका पर मनियारपुर से एक महिला समेत तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया एवं पूछताछ किया. पूछताछ के दौरान पकड़े गए अपराधी बार-बार बयान बदलते रहा। इसी दौरानअपराधी द्वारा बताया गया कि बिदुपुर के पीपा पुल से शव को गंगा नदी में फेंक दिया गया।
जिस पर वैशाली एसपी के नेतृत्व में शुक्रवार को एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीम शव को गंगा नदी में तलाशती रहे. लेकिन शव नहीं मिला. डॉग स्क्वायड की टीम भी पहुंची लेकिन पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला. वही आज शनिवार को परिजनों को जैसे ही पता चला कि गिरफ्तार अपराधी कुणाल सिंह, उसका नौकर एवं शिक्षिका नीतू सिंह को जेल भेजने जा रही है. तभी परिजन एवं हजारों ग्रामीण राजापाकर थाना पहुंचे एवं शव की मांग पर अड़े रहे. मृतक के पिता शिवचंद सिंह एवं पूर्व मुखिया शंभू सिंह ने बताया कि मैं केस के आईओ से बार-बार आग्रह किया कि एक बार मुझे कुणाल सिंह से बात करने दिया जाए. हमको भरोसा है कि मुझे बात के दौरान वह बता देगा कि मेरा बेटा कहां है. जिंदा है की मार दिया. जब मुझसे बात करने दिया गया तब कुणाल सिंह के नौकर ने बताया कि मनियारपुर गांव स्थित नवनिर्मित विद्यालय भाग्यवान विद्या मंदिर के तीन नंबर कमरा में शव को गड्ढा खोदकर गार दिया गया है. जिस पर एसडीपीओ महुआ के नेतृत्व में पुलिस बल उक्त स्कूल में पहुंचा तथा बताए गए जगह पर गड्ढा खोदकर शव को बाहर निकल गया. वही वैशाली एसपी से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान अपराधी द्वारा बताया गया कि शव को गंगा नदी में फेंक दिया गया है।
जिस पर हम लोगों ने एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ के सहयोग से शव को गंगा नदी में तलाशने का काम किया लेकिन सफलता नहीं मिली. वहीं पुन: पूछताछ के दौरान बताए गए जगह से शव को बरामद कर लिया गया है. तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल हाजीपुर भेज दिया गया है. तथा आगे की कारवाई किया जा रहा है. मृतक के शरीर पर बहुत से जेवरात थे जो अभी तक बरामद नहीं हुआ है. बता दे कि मृतक और हत्यार दोनों आपस में ममेरा- फ़ुगेरा भाई है. वही वैशाली एसपी से पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर बताया गया की हत्या में जो भी दोषी है उसे बक्शा नहीं जाएगा जांच कर कार्रवाई की जाएगी. वहीं मृतक के परिजनों ने कहा कि दोषी को फांसी की सजा दी जाए.