संवाददाता-राजेन्द्र कुमार
वैशाली /हाजीपुर। उनके निधन की सूचना मिलने पर ऐकटु राज्य सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह, संगीता देवी, बच्चा बाबू, वीर चंद्र दास, राजेश्वर दास सहित दर्जनों नेताओं ने उनके घर पहुंच कर उनका अंतिम दर्शन किया, और श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर 2 मिनट मौन श्रद्धांजलि दिया। गजेंद्र भगत 1992 में आईपीएफ से जुड़े थे। बाद में उन्होंने भाकपा माले की भी सदस्यता ग्रहण किया था।

फाइल फोटो गजेंद्र भगत
लक्ष्मी नारायणपुर पंचायत से एक बार वे पंचायत समिति के सदस्य भी निर्वाचित हुए थे। वे हमेशा निस्वार्थ भावना से जनता की सेवा और उनके संघर्षों को आगे बढ़ाने में लगे रहते थे। उनका अंतिम विदाई कल दिनांक 30 सितंबर 2024 को उनके इकलौते पुत्र के आने के बाद किया जाएगा। उपरोक्त नेताओं सहित भाकपा माले जिला सचिव कामरेड विशेश्वर प्रसाद यादव ने पार्टी जिला कमेटी की ओर से कामरेड गजेंद्र भगत को भावभीनी श्रद्धांजलि दिया है, और उनके शोकाकुल परिवार जनों के प्रति सहानुभूति प्रकट करते हुए, दुख की इस घड़ी में साहस रखने करने की अपील की।

फाइल फोटो गजेंद्र भगत
नेताओं ने कहा कि गरीबी के कारण कामरेड गजेंद्र भगत कभी भी संतुलित आहार ग्रहण नहीं कर सके इसलिए वे लो ब्लड प्रेशर के शिकार थे, मोदी जी के राज में लगातार महंगाई बढ़ने के कारण देश के गरीबों की यही दशा है। इसलिए इस शोक को शक्ति में बदलकर सामंती सांप्रदायिक कापोरेट फासीवादी मोदी राज के खिलाफ संघर्ष को तेज करने का संकल्प लेना है। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।