संवाददाता-राजेन्द्र कुमार
वैशाली /हाजीपुर ।, बैठक में योगेंद्र राय, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, रामबाबू भगत, पवन कुमार, सुमन कुमार,प्रेमादेवी, संगीता देवी, राम पारस भारती, रामबाबू पासवान, ज्वाला कुमार सहित अन्य सदस्यों ने भाग लिया।

बैठक में संयुक्त किसान मोर्चा और केंद्रीय श्रमिक संगठनों के आह्वान पर आगामी 16 फरवरी को आयोजित राष्ट्रव्यापी ग्रामीण भारत बंद तथा औद्योगिक और क्षेत्रीय हड़ताल को सक्रिय समर्थन देने, 10 फरवरी को ट्रेड यूनियन संगठनों के आह्वान पर जिलाधिकारी वैशाली के समक्ष आयोजित प्रदर्शन को सक्रिय समर्थन देने का निर्णय लिया गया, 12 फरवरी को बिहार विधानसभा के समक्ष ऐपवा के द्वारा आयोजित प्रदर्शन को भी सफल करने पर विचार हुआ, बैठक को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि मोदी की सरकार देश की अर्थव्यवस्था को काफी कमजोर कर दिया है, सकल घरेलू उत्पाद के समतुल्य देश पर कर्ज ला दिया गया है, मोदी से पहले के तमाम प्रधानमंत्री के कार्यकाल में 55000 करोड रुपए का खर्च था जो आज बढ़कर 2 लाख करोड़ से भी ऊपर हो गया है, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भी भारत में बढ़ते कर्ज पर चिंता जाहिर करते हुए संतुलन बनाने की सलाह दी है, बढ़ते कर्ज के कारण रिजर्व बैंक आफ इंडिया भी काफी चिंतित है, नेताओं ने कहा कि मोदी एक तरफ देश को कर्ज में डुबो रहे हैं और दूसरी तरफ धर्म का राजनीतिकरण करके सांप्रदायिक ध्रुवीकरण, नफरत और उन्माद का माहौल बना रहे हैं, देश के सुप्रीम कोर्ट ने भी संविधान और लोकतंत्र पर लगातार हो रहे मोदी सरकार के हमले पर अपनी टिप्पणी करते हुए, देशवासियों को सचेत किया है, मोदी विपक्ष मुक्त सदन और आंदोलन मुक्त सड़क चाहते हैं, जबकि लोकतंत्र की खूबसूरती सत्ता की कमजोरी को उजागर करने वाले विपक्ष से ही बढ़ती है, विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए सीबीआई, इंडी का इस्तेमाल किया जाता है, यहां तक की विरोध में बोलने वालों को भाजपा और आरएसएस के गुंडो के द्वारा हत्या तक कर दी जाती है।
नेताओं ने कहा कि 10 फरवरी और 16 फरवरी को आयोजित आंदोलन लोकतंत्र और संविधान पर बढ़ रहे हमलों के भी खिलाफ है और इसलिए भाकपा माले उसका सक्रिय समर्थन करती है,