Etawah News: Kuldeep Gupta "Santu" joined BSP leaving SP, declared BSP candidate from Sadar Vidhan Sabha
संवाददाता: महेश कुमार
इटावा: करीब चार दशक से प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान हासिल किए हुए हैं। इटावा के सैफई गांव से निकले एक पहलवान ने प्रदेश के राजनीतिक दिग्गजों को चुनावी मैदान में पछाड़ा तो जिले का रुतबा काफी बढ़ गया। मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव और शिवपाल यादव का क्षेत्र इटावा अब चुनावी रंग में डूब चुका है। यहां पर तीसरे चरण में 20 फरवरी को वोट डाले जाएंगे।

नामाकन से पूर्व इटावा में मजबूत सपा को विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के पूर्व नगरपालिका चेयरमैन कुलदीप गुप्ता उर्फ संटू सपा छोड़ बसपा में शामिल हो हुए। सपा राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव के बेहद करीबी है कुलदीप गुप्ता। इसे इटावा से अखिलेश यादव के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। समाजवादी पार्टी से टिकट न मिलने के कारण नाराज चल रहे थे। बसपा में शामिल होते ही मौके की तलाश में इटावा सदर विधानसभा सीट से बसपा के प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरे।

कुलदीप गुप्ता ने कहा कि यदि सपा गठबंधन के किसी व्यक्ति को चाहे रघुराज सिंह शाक्य हो या हरि किशोर तिवारी या कोई अन्य सक्रिय कार्यकर्ता को टिकिट दिया जाता तो वो साथ खड़े होते लेकिन पार्टी ने एक निष्क्रिय कार्यकर्ता को टिकिट दे दिया जिसकी बजह से वो पार्टी से इस्तीफा दे रहे है। कुलदीप गुप्ता संटू ने सपा से इस्तीफा देकर बसपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। इसके साथ ही बसपा हाई कमान ने इटावा सदर विधानसभा सीट से कुलदीप गुप्ता संटू को प्रत्याशि घोषित कर दिया।
इटावा की सदर विधानसभा सीट पर सपा का लंबे समय तक कब जा रहा है। 1993 से लेकर 2017 तक इस सीट पर सपा का कब्जा रहा है। 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने वर्चस्व तोड़ाा। भाजपा की सरिता भदौरिया ने सपा के कुलदीप गुप्ता संतू को मात दी थी। 2017 के विधानसभा चुनाव में सरिता भदौरिया को 91234 वोट मिले, जबकि कुलदीप गुप्ता को 73892 वोट मिले। वहीं 2012 में इस सीट से सपा के रघुराज सिंह शाक्य विधायक थे। 2002 से 2007 में सपा के ही महेंद्र सिंह राजपूत विधायक रहे।