संवाद जनवाद टाइम्स न्यूज
बाह: थाना बासौनी क्षेत्र के अंतर्गत गांव झरनापुरा निवासी रामवीर सिंह के डेढ़ माह के पुत्र आशिक को 3 दिन से बुखार आ रहा था। मासूम बच्चे का परिजन नजदीकी निजी डॉक्टर से इलाज करा रहे थे। शनिवार को बच्चे की बुखार के चलते तबियत अचानक बिगड़ गई। जिस पर बच्चे को लेकर परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाह पहुंचे जहां उन्होंने बच्चे को इलाज के लिए भर्ती कराया।
परिजनों का आरोप है बच्चा भर्ती कराने के बाद मौजूद स्वास्थ्य कर्मी द्वारा बुखार में ही बच्चे को गलत तरीके से इंजेक्शन लगा दिया गया। जिस कारण बच्चे का पेट फूल गया और सांस फूलने से हालत और ज्यादा बिगड़ गई। चिकित्सकों द्वारा बच्चे को आगरा के लिए रेफर कर दिया।
परिजन बच्चे को एंबुलेंस द्वारा आगरा के लिए ले ही जा रहे थे कि बच्चे ने दम तोड़ दिया। जिससे परिजनों में कोहराम मच गया। बच्चे की मौत को लेकर एकत्रित परिजनों ने स्वास्थ्य कर्मियों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की परिजनों से जानकारी ली।
वहीं पुलिस एवं स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा बच्चे के परिजनों को समझा कर शांत कराया गया। मामला समझने के बाद परिजन शांत हुए और मृत बच्चे के शव को लेकर घर वापस लौट गए। वहीं लगातार वायरल का प्रकोप बाह, पिनाहट, जैतपुर ब्लाक क्षेत्र के गांव में बढ़ रहा है। संदिग्ध बुखार के चलते कई बच्चों की मौत हो चुकी है। वक्त पर सही इलाज नहीं मिलने के कारण मासूम छोटे बच्चों की मौत हो रही है। बच्चे की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।

इस संदर्भ में सीएचसी केंद्र बाह के अधीक्षक डॉ जितेंद्र वर्मा ने बताया कि परिजन बच्चे को नाजुक हालत में किसी प्राइवेट डॉक्टर से इलाज करा कर अस्पताल लेकर आए थे। जहां बच्चे के इलाज के दौरान फेफड़ों में ऑक्सीजन लेवल एवं पल्स लेवल बहुत ही कम था। प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर आगरा के लिए रेफर किया गया। एंबुलेंस में ले जाते समय बच्चे ने दम तोड़ दिया था। परिजनों द्वारा इंजेक्शन लगाने एवं लापरवाही बरतने के आरोप निराधार हैं।