इटावा संवाददाता
इटावा/जसवंतनगर : मुनागंज इटावा जो आजकल औरैया में है की धरती पर अनुसूचित जाति में जन्म लेकर वहां की पगडंडियों से निकलकर देश दुनिया का सफर किया l पिछड़े ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के अभाव के बावजूद उन्होंने सुदूर क्षेत्र तथा शहर से उच्च शिक्षा अर्जित की और देश की उच्च सरकारी सेवा “इंडियन सिविल सर्विस “में उच्च मुकाम हासिल किया l वे उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस थे l
अपनी सरकारी सेवा के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों का पदभार संभाला और अपनी न्याय प्रियता के दायित्व का निर्वहन किया l उनकी कार्यकुशलता के आधार पर उन्हें भारत सरकार ने पेट्रोलियम विभाग का सचिव बनाया l पद पर रहते हुए उन्होंने नैतिक दायित्व का पूर्णतया निर्वहन किया l विभिन्न सरकारी पदों पर रहते हुए उन्होंने सामाजिक सेवा में हमेशा अग्रणी भूमिका अदा की तथा तमाम सामाजिक संगठनों का प्रतिनिधित्व किया l उन्हें अपना तथा अपने क्षेत्र व समाज का उत्थान कैसे हो? तमाम प्रश्न उनके जेहन में हमेशा बने रहते थे l उसको साकार स्वरूप प्रदान करने के लिए उन्होंने इटावा से भरथना की ओर जाने वाली सड़क पर स्थित अति पिछड़े क्षेत्र नगला खादर में उच्च शिक्षण संस्थान अंबेडकर बौद्ध महाविद्यालय खोलकर सर्व समाज के पिछड़े, दलितों के लिए उच्च शिक्षा का द्वार खोल दिया l
देवी दयाल का परिवार कबीर और बुद्ध की शिक्षाओं से प्रभावित था अतः उन्होंने सर्व कल्याण , दीन दुखियों की सेवा, सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय को अपने जीवन का आधार बना लिया था l धन्य हो उस माता-पिता तथा मुना गंज की धरा को जिन्होंने समाज को एक चमचमा का हीरा प्रदान किया l जिसके खोने के बाद उसकी चमक आम जनमानस के जेहन में हमेशा बनी रहेगी l
सियासी अखाड़ा के संपादक खादिम अब्बास, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) अनुसूचित जाति/ जनजाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय महासचिव डॉ धर्मेंद्र कुमार, डीआर दोहरे नरेश प्रताप सिंह धनगर एडवोकेट, दीपक राज, इफ्तिखार मिर्जा ,मोहम्मद हाशिम खान, मोहम्मद अमीन भाई ,अभिषेक आजाद, अटल बिहारी, सतीश शाक्य ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर तथा फोन पर महाधिवक्ता हाई कोर्ट इलाहाबाद राज बहादुर सिंह यादव एडवोकेट, प्रमुख समाजसेवी सुधीर शुक्ला उर्फ बबलू ,सीनियर जर्नलिस्ट्स शेखर यादव ,जनसत्ता संवाददाता प्रेम शाक्य ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि स्वर्गीय देवीदयाल द्वारा की गई देश सेवा, समाज सेवा सदैव स्मृति पटल पर अंकित रहेगी l हम सब की नैतिक जिम्मेदारी है कि उनके द्वारा स्थापित कार्य को गति प्रदान करें ताकि उनके द्वारा देखा गया स्वप्न साकार हो सके l दिवंगत आत्मा कष्ट की वैतरणी पार हो , साथ ही हमारी संवेदनाएं शोकाकुल परिवार के साथ हैं l