सुशील चंद्रा
एक ओर तो प्रदेश सरकार और वन विभाग संयुक्त रुप से अभियान चला कर जंगलों को हरा-भरा करने के लिए कई परियोजनाएं राष्ट्र स्तर पर चला रहे हैं किंतु वन विभाग के अधिकारी ही वनों से हो रही हरी लकड़ी की तस्करी को नहीं रोक पा रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है जिसमें जंगल में जेसीबी के द्वारा पेडों को उखाड़ा जा रहा है वहीं मजदूरों के द्वारा पेडों को काटकर ट्रेक्टरों में भरकर ले जाया जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद भी अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है।धड़ाधड़ बीहड़ों से हरे पेड़ों का अवैध कटान जारी है।जंगल में कई प्रकार के हरे वृक्षों पर लकड़ी माफियाओं की आरी चल रही है इन हरे वृक्षों में मुख्य रूप से शीशम, आम, नीम, बबूल, पापड़ी, पापड़ व अन्य महत्वपूर्ण हरे वृक्षों पर माफियाओं की आरी विभागीय शह पर चल रही है।विभाग भी पर्यावरण का दोहन कराने में लगा हुआ है। अवैध तस्कर ट्रैक्टर ट्रॉलियों में भरकर भारी मात्रा में लकड़ियों को बाजार की टालों पर ऊंचे दामों में बेच रहे हैं वहीं वन विभाग इन सारे दृश्यों को देख कर भी अंजान बनता नजर आ रहा है आखिर किसकी शह पर जंगल से लकड़ी का अवैध कटान किया जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से लकड़ी कटान रोकने एवं कार्रवाई की मांग की है। वायरल वीडियो थाना बाह क्षेत्र के अंतर्गत सुंसार गांव के यमुना के बीहड़ का बताया जा रहा है। हरे वृक्षों पर्यावरण और जीव जंतुओं के लिए अति आवश्यक हैं लेकिन इन सब को दरकिनार कर माफिया धड़ल्ले से लकड़ी की तश्करी करने में जुटे हैं।वायरल वीडियो के बारे में फोन पर हुई बातचीत में एसडीओ वन विभाग के एन सुधीर ने बताया कि जंगल की जमीन को समतल किया जा रहा है और अवैध कटान का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है अब सवाल यह है कि वन विभाग के अधिकारी इन हरे वृक्षों के अवैध कटान पर भी जानबूझकर अनजान क्यों बन रहे हैं और किसकी अनुमति पर जंगल मे जेसीबी चलायी जा रही है।