सुनील पांडेय : कार्यकारी संपादक

भारत में दिन प्रतिदिन कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। यह चिंता का विषय है। केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार सभी स्तर पर प्रयास कर रही है लेकिन अभी तक कोई ठोस सफलता प्राप्त नहीं हो सकी है जैसी होनी चाहिए। मार्च माह से अगस्त माह तक यदि आंकड़ों का जिक्र करें तो विगत 210 दिनों में 33 लाख से अधिक लोग इस महामारी का शिकार हो चुके हैं। संतोष का विषय यह है इस महामारी से अब तक 25 लाख से अधिक लोग स्वस्थ भी हुए हैं।
इस दौरान मार्च माह से अब तक इस महामारी में 60 हजार से अधिक लोग कॉल – कवलित भी हो चुके हैं । इस महामारी से भारत के सर्वाधिक संक्रमित राज्यों में महाराष्ट्र, तमिलनाडु ,आंध्र प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश का नाम आता है । यदि आंकड़ों का जिक्र करें तो महाराष्ट्र में संक्रमितोंं की संख्या 7 लाख पार कर चुकी है तथा साथ ही साथ 5 लाख से अधिक लोग स्वस्थ भी हुए हैं।
जहां तक मौत का आंकड़ा है अब तक इस राज्य में 23 हजार से अधिक लोग इस संक्रमण से मौत का शिकार हुए हैं। तमिलनाडु में संक्रमितों की संख्या 4 लाख के करीब है जिसमें 3 लाख से अधिक लोग स्वस्थ भी हुए हैं ।जहां तक मौत का आंकड़ा है इस राज्य में 6 हजार से अधिक लोग अब तक मौत का शिकार भी हो चुके हैं । आंध्र प्रदेश में संक्रमितों की संख्या 4 लॉख से थोड़ा ही कम है तथा स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या लगभग 3 लाख के आसपास है जहां तक मौत का आंकड़ा है इस राज्य में 3,500 से अधिक लोग मौत का शिकार हुए हैं।
भारत की सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश का जिक्र करें तो इस राज्य में संक्रमितों की संख्या 3 लाख से थोड़ा ही कम है तथा स्वस्थ होने वालों की संख्या 1.5 लाख से अधिक है। जहां तक मौत का आंकड़ा है इस राज्य में अब तक 3 हजार से अधिक लोग मौत का शिकार हो चुके हैं। संक्रमितों की संख्या को देखते हुए उत्तर प्रदेश में विगत दिनों इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संक्रमण के रोकने के उपायों पर प्रदेश सरकार से लिखित जवाब मांगा है।
हाईकोर्ट के इस पहल को देखते हुए इस महामारी के भयावह का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। कल यानी बृहस्पतिवार को जारी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार एक दिन में अब तक 75,760 संक्रमित मरीज मिले हैं । चिंता का विषय यह है कि एक दिन में इस महामारी में 1023 लोग मौत का शिकार भी हुए हैं। संतोष का विषय यह है कि इस दौरान 56,013 मरीज स्वस्थ भी हुए हैं।
कल तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार भारत में संक्रमितों की स्पष्ट संख्या 33 लाख 10 हजार 234 पहुंच चुकी है ।इनमें से 60,472 लोग अब तक मौत का शिकार हो चुके हैं। संतोष का विषय यह है कि इस महामारी से अब तक 25,23,771 मरीज स्वस्थ भी हो चुके हैं।
भारत में इस महामारी के बढ़ने में जनता का पूर्ण योगदान है । जिस तरह लॉक डाउन के समय जनता सोशल डिस्टेंस एवं सरकार द्वारा बताए हुए निर्देशों का पालन कर रही थी ऐसा करती तो शायद ऐसी विषम स्थिति न उत्पन्न होती। अभी भी कुछ गया नहीं है यदि जनता सजग हो जाए सरकार द्वारा बनाए नियमों का पालन करें तो कमोवेश स्थिति पर नियंत्रण लाया जा सकता है।
यहां यहां बताना आवश्यक है भारतीय जनता को पुलिस प्रशासन द्वारा डंडों के बल पर ही काबू पाया जा सकता है। पुलिस प्रशासन एवं सरकारी अमलों के अपील का तो जैसे उस पर कुछ असर ही नहीं हो रहा है। आए दिन पुलिस प्रशासन द्वारा मास्क एवं सोशल डिस्टेंस को लेकर चालान काटे जा रहे हैं लेकिन जनता अभी भी अनजान एवं लापरवाह बनी हुई है। मेरा मानना है जनता पर शक्ति ही एकमात्र विकल्प है जो इस विषम दौर में कारगर हो सकती है।