संवाददाता लालचंद ।अम्बेडकरनगर जनपद के तहसील आलापुर में ग्राम रामपुर सराय की दलित बालिका जिसकी उम्र 15 वर्ष है।जो बगल के गांव नीलकंठ सराय अपनी सहेली पूजा के बुलाने पर बर्थडे पार्टी में गई थी।इसी दिन मौका पाकर कुछ दरिंदे मौका पाकर के दलित बालिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म को अंजाम दे दिए।बालिका की सहेली दूसरे दिन लगभग 12:00 बजे पीड़िता को घर छोड़कर भाग खड़ी हुई।कुछ ही क्षण बाद बालिका की तबीयत अचानक अत्यंत खराब होने लगी।और बालिका का मानसिक संतुलन भी जवाब देने लगा। पीड़िता के परिजन आनन-फानन में रामनगर स्वास्थ्य केंद्र पर ले आए। जहां पर स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों द्वारा इलाज करने से साफ मना कर दिया गया। जिसके बाद पीड़िता को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।पीड़िता की स्थिति को देखकर जिला अस्पताल के डॉक्टरों भी इलाज करने के लिए तैयार नहीं हो रहे थे।

जिला अस्पताल के डॉक्टर पीड़िता को लखनऊ रेफर करना चाह रहे थे।पीड़िता अत्यंत ही गरीब परिवार से संबंधित है।पीड़िता के परिवार लखनऊ ना जा करके मेडिकल टेस्ट जिला अस्पताल में ही करवाना चाह रहे थे किंतु पीड़िता का मेडिकल टेस्ट करने के लिए जिला अस्पताल का कोई भी डॉक्टर तैयार नहीं हो रहा था। माननीय पूर्व सांसद श्री त्रिभुवन दत्त जी व अन्य सहयोगियों के दबाव में उच्च अधिकारियों से वार्ता करके व दबाव बनवाकर दलित नाबालिग बालिका का जिला अस्पताल में ही मेडिकल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी करवाई गई।पीड़ित दलित बालिका की मानसिक आदि स्थिति गैंगरेप कांड की वजह से निरंतर खराब होते देखकर जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने पीजीआई अम्बेडकरनगर के इमरजेंसी वार्ड में एडमिट करवाया।जहां पर पीड़िता का इलाज चल रहा है किंतु अभी तक बहुत अच्छी तरह से सुधार नहीं हो पा रहा है। जिसकी वजह से पीड़िता पुलिस प्रशासन व अन्य लोगों को अपना बयान देने में सक्षम नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों के दबाव में जहांगीरगंज पुलिस द्वारा एफ आई आर दर्ज करके वारदात में अभियुक्त पूजा व उसके भाई को जेल के लिए रवाना कर दिया गया किंतु गैंगरेप में शामिल शेष अभियुक्त शासन प्रशासन व अपने रसूख के बल पर अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।पीड़िता की हालत में सुधार ना होने की वजह से आज दिनांक 22 जून 2020 को ग्रामीणों के द्वारा तहसील प्रशासन आलापुर के सामने अभिलंब शेष अभियुक्तों को गिरफ्तार करवाने के लिए शांतिपूर्वक धरना दिया जा रहा था।इसी दौरान तहसील स्तर के जिम्मेदार अधिकारी द्वारा एक प्रदर्शनकारी को सभी लोगों के सामने 4-6 तमाचा मार दिया गया और साथ में रहे पुलिसकर्मियों द्वारा मौके पर उपस्थित प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज करके बुरी तरह मारा पीटा गया।जिसके आक्रोश में उपस्थित ग्रामीणों द्वारा मजबूर होकर हंगामा करने के लिए विवश होना पड़ा।शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों को यदि नहीं मारा-पीटा गया होता तो धरना स्थल या आसपास किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय घटना सामने नजर नहीं आती।तहसील के सामने हो रहे प्रदर्शन की खबर जब जिला के आला अधिकारियों को पता चली तो जिम्मेदार लोग अभिलंब घटनास्थल पर पहुंचे।जिसके बाद कुछ ही समय मे लोगों को समझा-बुझाकर मामले को शांत करवाया गया।तथा उपस्थित ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया कि 24 घंटा के अंदर शेष अभियुक्तों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया जाएगा।अब आगे की क्या प्रतिक्रिया सामने आएगी यह समय बताएगा।फिलहाल जनमानस व ग्रामीणों की मांग है कि दलित नाबालिग बालिका को शासन प्रशासन के स्तर से अभिलंब न्याय मिलना चाहिए।साथ ही साथ गैंगरेप में शामिल शेष सभी अभियुक्तों को अति शीघ्र सलाखों के पीछे पहुचा कर उचित सजा की व्यवस्था करवानी चाहिए।गैंगरेप में शामिल अभियुक्तों की समय से गिरफ्तारी हो गई होती तो आज के धरने व प्रदर्शन की कोई आवश्यकता ही नहीं होती।