संवाददाता : राजेन्द्र कुमार
हाजीपुर / वैशाली (बिहार)
कृषि विज्ञान केंद्र, वैशाली में वर्मी कंपोस्ट उत्पादक विषय पर आयोजित 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अनिल कुमार सिंह के दिशा-निर्देशन में संपन्न हुआ।
समापन समारोह में स्थानीय विधायक अवधेश सिंह एवं उप प्रमुख नंदकुमार सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की शुरुआत वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान द्वारा मुख्य अतिथियों के स्वागत से हुई।

मुख्य अतिथि विधायक अवधेश सिंह ने प्रशिक्षणार्थियों को वर्मी कंपोस्ट उत्पादन को स्वरोजगार के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जैविक खाद का उपयोग मिट्टी, जल, वायु एवं मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है तथा रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभाव से पर्यावरण को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इस अवसर पर डॉ. अनिल कुमार सिंह ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्मी कंपोस्ट उत्पादन ग्रामीण युवाओं और किसानों के लिए आय का बेहतर स्रोत बन सकता है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को वर्मी कंपोस्ट निर्माण की प्रायोगिक विधि की विस्तृत जानकारी दी गई। उद्यमी सुबोध कुमार (चंदा वर्मी कंपोस्ट) द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी कराया गया।

कार्यक्रम का सफल संचालन इंजीनियर कुमारी नम्रता द्वारा किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में वैज्ञानिक डॉ. जूना देखो, उद्यान वैज्ञानिक डॉ. कविता वर्मा तथा गृह विज्ञान विशेषज्ञों ने भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम को सफल बनाने में केंद्र के कर्मचारियों ऋचा श्रीवास्तव, इशिता सिंह, रवि कुमार, रवि रंजन कुमार, रमाकांत, सोनू, दीपक एवं मोहित का अहम योगदान रहा।