बेतिया / पश्चिमी चंपारण। फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत बिहार में राज्यव्यापी मेगा कैंप का शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया। इस अभियान के तहत पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया और चनपटिया प्रखंड के आंगनवाड़ी केंद्रों पर विशेष कैंप आयोजित किए गए।

बेतिया नगर क्षेत्र के वार्ड संख्या–32 स्थित मंशा टोला के आंगनवाड़ी केंद्र संख्या–45 पर जिला पदाधिकारी ने स्वयं उपस्थित होकर फाइलेरिया रोधी दवा डी.ई.सी.
(Diethylcarbamazine) और अल्बेंडाज़ोल का सेवन किया तथा लाभुकों को दवा खिलाकर मेगा कैंप का विधिवत शुभारंभ कराया। इस मौके पर आमजन को संदेश दिया गया कि फाइलेरिया से बचाव के लिए निर्धारित दवा का सेवन पूरी तरह सुरक्षित और आवश्यक है।

जिले में इस विशेष अभियान के तहत कुल 4100 आंगनवाड़ी केंद्रों पर कैंप लगाए गए हैं। अभियान को सफल बनाने के लिए 2200 ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर्स की प्रतिनियुक्ति की गई है। स्वास्थ्य विभाग ने जिले की लगभग 8 लाख आबादी को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
अधिकारियों के अनुसार यह जनभागीदारी आधारित व्यापक अभियान गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज कराने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसमें पश्चिमी चंपारण की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
जिला पदाधिकारी ने लोगों से अपील की कि फाइलेरिया एक गंभीर लेकिन रोके जा सकने वाला रोग है। सभी पात्र नागरिक निर्धारित तिथि पर स्वास्थ्यकर्मियों की निगरानी में दवा का सेवन अवश्य करें और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
मेगा कैंप के दौरान सिविल सर्जन विजय कुमार, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी रमेश चंद्रा, एनसीडीओ मुर्तजा अंसारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (आईसीडीएस) कविता रानी, जीविका डीपीएम निखिल कुमार, डीवीबीडीसीओ हरेंद्र कुमार सहित स्वास्थ्य, आईसीडीएस और सहयोगी संस्थाओं के कई पदाधिकारी व कर्मी मौजूद रहे।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा संयुक्त रूप से चलाया जा रहा यह अभियान जनस्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाना है।