Bihar News | दयालपुर (वैशाली)
ब्रज मोहन दास महाविद्यालय, दयालपुर के सभागार में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में पराक्रम दिवस का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षक, छात्र एवं एनएसएस स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का मंच संचालन कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो. रवि रंजन कुमार ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. श्याम रंजन प्रसाद सिंह, शिक्षकों एवं छात्रों द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. श्याम रंजन प्रसाद सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि पराक्रम हमारे साहस और आत्मबल का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज़ादी का मार्ग केवल अहिंसा तक सीमित नहीं था, बल्कि साहस, संगठन और समर्पण भी उसकी मजबूत नींव रहे हैं। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि राष्ट्रसेवा को जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य बनाएं और विचारों के साथ-साथ अपने व्यवहार में भी पराक्रम को उतारें।
वहीं प्रो. अनामिका कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि देश से बढ़कर कुछ भी नहीं है। साहस वह शक्ति है, जिससे व्यक्ति हर समस्या का समाधान खोज सकता है। यदि युवा सुसंगठित होकर देशहित में कार्य करें, तो भारत पुनः विश्व गुरु बन सकता है।
कार्यक्रम में प्रो. सुशील कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर छात्र सचिन कुमार, सोनू कुमार, नीरज कुमार तथा छात्राओं में रोशनी कुमारी, नेहा कुमारी, मेघा कुमारी और स्मिता कुमारी ने भी नेताजी के विचारों पर अपने-अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को जागृत करना रहा।