संवाददाता-राजेन्द्र कुमार
सोनपुर-इस वर्ष समय से पूर्व बारिश होना शुरू हो गया है।इस बार मौशम विभाग का भी यही अनुमान रहा है कि इस वर्ष काफी बारिश होगी।जाहिर है कि इस बार उत्तर बिहार की नदियां ज्यादा बढ रही है।अगर यह स्थिति बनी रहेगी तो वैशाली जिले को सारण से अँग करती हूई बहने वाली गंडक नदी के उफान को रोक पाना मुश्किल होगा।सारण जिले के दर्जनाधिक गांव का भाग्य गंडक नदी पर टिका हूआ रहता है।जब गंडक नदी अपनी जवानी पृ पहुंची है और उत्थान मारने लगती है त़ वैशाली जिले से अधिक नुकसान सारण जिले को होतीं है।क्योंकि गंडक का पानी जब तटबंध को तोड़ते हूए हरदिया चंबर मे प्रवेश कर जाता है।तो वहां महीनो तक जल जमाव बना रहता है।और हजारों हजार की संख्या मे किसान को क्षति होती है।वैसे यहां के किसानों का कहना है कि सरकार अगर सारण जिले के हरदिया च़बर को बहु फसली बना दे तो किसान इससे इतना उत्पादन करेगा कि पूरे जिलू को दाल रोटी का कमी होने नही देगा।एक ओर गंगा की तुफान तो दूसरी ओर उफनती गंडक का गंगा मे मिलन के कारण इन दोनो नदियां का पानी जब सबलपुर दियारे के प़चायतो मे फैलता है तो हजारों की आबादी तो प्रभावित होता ही है साथ साथ बड़ी संख्या मे किसान व्यापारी पशु पालक मजदूर वर्ग को भी प्रभावित होना पड़ता है।