बेतिया (पश्चिम चम्पारण)। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में पश्चिम चम्पारण जिले में भूकम्प आपदा से निपटने की तैयारियों का जमीनी आकलन करने हेतु ऐतिहासिक फुल-स्केल मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। इस व्यापक अभ्यास का उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों की त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय क्षमता तथा संसाधनों के प्रभावी उपयोग का परीक्षण करना था।

मॉक ड्रिल के तहत उत्क्रमित उच्च विद्यालय शेखौना मोतिहारी रोड, राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच) बेतिया, समाहरणालय भवन, ऑफिसर कॉलोनी, जूडियो शॉपिंग कॉम्पलेक्स बेतिया, विनायक पेट्रोल पम्प बगहा-01 तथा अनुमंडल कार्यालय के समीप फ्लाईओवर क्षेत्र बगहा-02 को सिमुलेशन साइट बनाया गया। वहीं बेतिया हवाई अड्डा परिसर को स्टेजिंग एरिया एवं अस्थायी राहत केंद्र के रूप में विकसित किया गया।

निर्धारित समय पर सभी स्थलों पर भूकम्प आपदा का वास्तविक परिदृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसके बाद प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, अग्निशमन, एसडीआरएफ सहित विभिन्न विभागों ने समन्वित प्रयासों से राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित किया। घायलों को राहत शिविर में प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया तथा गंभीर रूप से घायलों को त्वरित रूप से जीएमसीएच भेजकर चिकित्सा व्यवस्था का सफल परीक्षण किया गया।

अभ्यास के दौरान नगर निकाय, विद्युत, दूरसंचार, लोक स्वास्थ्य, पशुपालन, पथ निर्माण, भवन प्रमंडल, शिक्षा विभाग के स्काउट-गाइड एवं एनसीसी कैडेटों ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस संयुक्त प्रयास ने आपदा प्रबंधन की जमीनी तैयारियों और विभागीय समन्वय की मजबूती को प्रदर्शित किया।

अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) अनिल कुमार सिन्हा ने मॉक ड्रिल की सफलता पर सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे अभ्यास वास्तविक आपदा के समय घबराहट कम करने, जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने तथा राहत कार्यों की गति बढ़ाने में अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। जिला प्रशासन भविष्य में भी इस प्रकार के नियमित अभ्यास आयोजित करता रहेगा।
प्रभारी पदाधिकारी जिला आपदा प्रबंधन शाखा श्रीमती नगमा तबस्सुम ने बताया कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य विभागों के बीच समन्वय, संचार प्रणाली और संसाधनों की उपलब्धता की वास्तविक जांच करना है, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में जिला प्रशासन की प्रतिक्रिया और अधिक प्रभावी हो सके।
उन्होंने बताया कि अभ्यास में विभिन्न विभागों के सैकड़ों पदाधिकारी एवं कर्मियों ने भाग लिया, जिनमें स्वास्थ्य, अग्निशमन, एसडीआरएफ, नगर निकाय, बीएसएनएल, विद्युत, पशुपालन, पथ निर्माण, भवन प्रमंडल, विधि-व्यवस्था बल, स्काउट-गाइड एवं एनसीसी कैडेट शामिल रहे।
मॉक ड्रिल के पश्चात अपर समाहर्ता अनिल कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें अभ्यास के सकारात्मक पहलुओं की सराहना की गई तथा समन्वय में पाई गई आंशिक कमियों को दूर करने हेतु संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी बेतिया सदर विकास कुमार, जिला सूचना एवं जनसम्पर्क पदाधिकारी राकेश कुमार, द्वितीय कमान अधिकारी 21 वाहिनी सुरेश शर्मा, सहायक कमांडेंट उमेश कुमार गुप्ता, निरीक्षक सामान्य प्रदीप कुमार सिंह सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।