The government spent Rs 15,020 crore to provide cheap electricity to the poor in UP.Electricity rates will not increase for the fourth consecutive year, the regulatory commission rejected the proposal of power companies
ब्यूरो संवाददाता : मनोज कुमार राजौरिया
मुफ्त कनेक्शन के साथ ही गरीबों को सस्ती दर पर बिजली उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने भारी-भरकम अनुदान दिया है। गरीबों को 6.50 रुपये यूनिट वाली बिजली पर सरकार ने 3.50 रुपये यूनिट सब्सिडी दी है।
सरकार द्वारा लगभग 54 प्रतिशत तक अनुदान देने से गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों के लिए तीन रुपये यूनिट ही बिजली पड़ेगी।इतना ही नहीं गांव में रहने वाले अन्य किसानों आदि को महंगी बिजली से राहत देने के लिए सरकार 2.70 रुपये यूनिट तक सब्सिडी देगी। मीटर न होने की दशा में सरकार प्रति माह 435 रुपये अनुदान दे रही है। सिंचाई के लिए सस्ती व मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने को सरकार निजी नलकूप पर प्रति हार्सपावर (एचपी) 600 रुपये प्रतिमाह सब्सिडी देगी।दरअसल, कोयले आदि की बढ़ती कीमत से राज्य में बिजली आपूर्ति की औसत लागत 7.46 रुपये प्रति यूनिट है।
वाणिज्यिक व उद्योगों आदि की बिजली दर बढ़ाकर क्रास सब्सिडी के जरिए विद्युत नियामक आयोग गरीबों, किसानों और कम खपत वाले घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली दरें अपेक्षाकृत कम ही रखता है,सरकार ने इन श्रेणियों के उपभोक्ताओं को चालू वित्तीय वर्ष 2023-24 में और राहत देने के लिए इस बार 15,020 करोड़ रुपये अपने खजाने से दिए हैं। इसमें से 6846 करोड़ रुपये गरीबों को सस्ती दर पर बिजली मुहैया कराने के लिए ही हैं। 4500 करोड़ रुपये तो उन 1.57 करोड़ गरीब उपभोक्ताओं के लिए दिए गए हैं जिनका बिजली खर्च महीने में 100 यूनिट से कम ही है।