संवाददाता विजय कुमार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा माननीय उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ परिसर में प्रदेश के 74 जनपदों के जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों के लिए विधिक सेवा प्रचार मल्टी-यूटिलिटी वाहनों के फ्लैग-ऑफ तथा राज्य स्तरीय मध्यस्थता हेल्पलाइन के शुभारंभ का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह पहल ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों तक विधिक जागरूकता पहुंचाने और विवादों के त्वरित समाधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

कार्यक्रम का शुभारंभ विक्रम नाथ, न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया एवं कार्यपालक अध्यक्ष, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा किया गया। इस अवसर पर पंकज मित्तल, अरुण भंसाली (मुख्य न्यायाधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय) सहित विभिन्न उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश एवं वरिष्ठ न्यायमूर्ति उपस्थित रहे।

प्राधिकरण के अनुसार, प्रत्येक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को विशेष विधिक प्रचार वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। इन वाहनों के माध्यम से ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में निःशुल्क विधिक सहायता, अधिकारों की जानकारी तथा सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
इस परियोजना के लिए वित्तीय प्रबंध राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया गया है।
इस अवसर पर राज्य स्तरीय “मध्यस्थता हेल्पलाइन” 1800-180-1212 का भी शुभारंभ किया गया। हेल्पलाइन के जरिए आम नागरिक अपने विवादों के समाधान हेतु मध्यस्थता प्रक्रिया संबंधी निःशुल्क परामर्श और मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे। इसे वैकल्पिक विवाद निस्तारण प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण डिजिटल कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनु कलिया, सदस्य सचिव, उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया गया। उन्होंने योजना की रूपरेखा, उद्देश्यों और क्रियान्वयन रणनीति पर विस्तार से प्रकाश डाला। अधिकारियों ने इसे न्याय सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम बताया।