सुशील चंद्रा
उत्तर प्रदेश आगरा के पिनाहट और मध्य प्रदेश के सीमा पर उसैत घाट पर एक चंम्बल नदी पर बनने जा रहे पुल के शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे आगरा के पिनाहट के ब्लॉक प्रमुख सुग्रीव सिंह चौहान को उनके आवास पर पुलिस द्वारा नजर बंद कर दिया गया।नजरबंद किये जाने पर सैकड़ों की संख्या में उनके चिलर प्लांट पर उनके समर्थकों ने नंदगवां जैतपुर मार्ग पर जाम लगा दिया और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे।बता दें कि आजादी के 70 साल बाद उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश की सीमा पर उसैत घाट पर मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा संयुक्त रूप से एक पुल का निर्माण किया जाना है जिसका आज शिलान्यास होना था जिसमें उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के आला अधिकारी विधायक, मंत्री व अन्य लोग शामिल हुए।चंम्बल नदी पर पुल बनने से उत्तर प्रदेश के लोगों को मध्यप्रदेश के अम्बाह और मुरैना आदि जिलों में आवाजाही में आने वाली समस्या से छुटकारा मिलेगा।उत्तर प्रदेश के लोग लगभग 70 सालों से चंम्बल नदी पर पुल निर्माण की माँग करते आ रहे थे जोकि अब पूरी होने जा रही है।इसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पिनाहट के ब्लॉक प्रमुख सुग्रीव सिंह चौहान भी अपने समर्थकों सहित जा रहे थे जिसके लिए सुबह से ही उनके समर्थक उनके चिलर प्लांट पर एकत्रित होने लगे थे । निकलने से कुछ समय पहले ही स्थानीय पुलिस के आला अधिकारियों ने उनके प्लांट पर उन्हें नजरबंद कर दिया।उनके आवास के बाहर कई थानों का पुलिस फोर्स तैनात कर दिया जिससे वे कार्यक्रम में शामिल नही हो सके।कार्यक्रम में जाने से रोके जाने पर उनके समर्थकों में रोष व्याप्त हो गया और उन्होंने पुलिस के खिलाफ़ नारेबाजी करते हुए रोड पर जाम लगा दिया।ब्लॉक प्रमुख ने कार्यकर्ताओं को शांति बनाए रखने और जाम खोलने की अपील की तब जाकर कार्यकर्ताओं ने जाम खोला।मीडिया को दिए वक्तव्य में ब्लॉक प्रमुख ने स्थानीय विधायक द्वारा नजरबंद कराए जाने के आरोप लगाए उन्होंने कहा कि इस तरह पुलिस द्वारा बिना कारण बताए उन्हें नजरबंद किये जाना गलत है और इसके लिए वे पुलिस के आला अधिकारियों से बात करेंगे।ब्लॉक प्रमुख ने बताया कि वे आगे भी क्षेत्र में जनता के बीच कार्य करते रहेंगे उनका हौसला अडिग है इसे कोई डिगा नहीं सकता है।उन्होंने समर्थकों से भी धैर्य बनाये रखने की अपील की।