राजापाकर/वैशाली: प्रखंड क्षेत्र के सभी पंचायतों में तीसरे चरण का फार्मर रजिस्ट्रेशन कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। प्रखंड प्रशासन द्वारा पंचायत भवन, पंचायत सरकार भवन और सामुदायिक भवनों में कैंप लगाकर किसानों का पंजीकरण किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ मिल सके।

इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि पंचायत कर्मियों की देखरेख में प्रत्येक पंचायत में रजिस्ट्रेशन शिविर चलाया जा रहा है। जो किसान अब तक पंजीकरण से वंचित रह गए हैं, वे अपने पंचायत भवन परिसर में जाकर जल्द से जल्द फार्मर रजिस्ट्रेशन करवा लें।
राजापाकर दक्षिणी पंचायत के जनता पुस्तकालय परिसर में भी रजिस्ट्रेशन कार्य जोर-शोर से चल रहा है, जहां बड़ी संख्या में किसान पहुंचकर अपना पंजीकरण करा रहे हैं।
किसानों ने बताया कि 4 फरवरी को वंशावली के आधार पर किसान आईडी बनाने के लिए पोर्टल खोला गया था, जिसके तहत बाप-दादा की वंशावली के आधार पर बेटों के नाम से फार्मर आईडी बनाई जा रही थी। हालांकि अगले ही दिन पोर्टल बंद कर दिए जाने से किसानों में नाराजगी देखी गई।
किसानों — सीताराम सिंह, शत्रुघ्न प्रसाद सिंह, राजीव रंजन, तपसी सिंह, महेश प्रसाद सिंह सहित अन्य ने मांग की है कि राजस्व विभाग वंशावली आधारित पोर्टल को पुनः खोले, ताकि जिन किसानों के नाम पर जमीन दर्ज नहीं है, उनका भी फार्मर रजिस्ट्रेशन संभव हो सके।
मौके पर बीडीओ सूर्य प्रताप सिंह, प्रखंड कृषि पदाधिकारी आनंद मौर्य, कृषि सलाहकार देवेंद्र सिंह, राजस्व कर्मचारी अमित कुमार, अमीन राजकुमार, विकास कुमार, ऑपरेटर मुकेश कुमार, सुनील कुमार और पर्यवेक्षक विकास कुमार सहित कई किसान उपस्थित रहे।