संवाददाता राजेन्द्र कुमार
राजापाकर /वैशाली
कभी कभी मूलाधार बारिश जो शुक्रवार की सुबह तक जारी रहने के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है. सर्वत्र जल जमाव से यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।
खेतों में जल जमाव के कारण जिन किसानों ने धान की खेती की थी उनके ललाट पर चिंता की लकीरें दिखाई दे रही है. इस साल धान की फसल अच्छी हुई थी जिन किसानों ने फसल काट ली थी उन्हें तो कम परेशानी हुई. परंतु जिन्होंने फसल काटकर खेतों में धान की फसल को सूखने के लिए छोड़ दिया था अब पछतावे में है. काटी हुई फसल खेतों में ही रह जाने से जल जमाव के कारण धान में लगी बालियां डूब गई हैं. बलियो के डूब जाने के कारण पुनः अंकुरित हो जाने की संभावना बढ़ गई है. फिर तो वे किसी काम के नहीं रहेंगे. बहुत से किसानों ने अगली खेती करने के उद्देश्य से खेतों की जुताई करवाई थी उनके साथ भी समस्या आन पड़ी है. आलू के तैयार खेत पानी भर जाने से अब एक सप्ताह आलू की बुवाई देरी से हो पाएगी. वही तिलहन के लिए भी खेत किसानों ने तैयार किया था .लेकिन ज्यादा गीला होने से उसके भी बुवाई पर असर पड़ेगा. वहीघ त्योहारों के संपन्न होने के बाद विद्यालय खुल गए हैं ऐसे में बच्चों के लिए आवा गमन का संकट पैदा हो गया है।

देखा जाए तो इस बेमौसम की बारिश से लाभ के बजाय हानि ही हुई है।