बेतिया / पश्चिमी चंपारण
तरनजोत सिंह ने बेतिया स्थित जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र बेतिया (डीआरसीसी) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि कार्यालय में आने वाले आवेदकों और सह-आवेदकों के साथ संवेदनशील एवं कुशल व्यवहार सुनिश्चित किया जाए तथा निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदनों का त्वरित निष्पादन किया जाए।

निरीक्षण के क्रम में बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना की समीक्षा की गई। दिसंबर 2025 की रैंकिंग रिपोर्ट के अनुसार जिले की रैंकिंग 19वीं रही। प्रबंधक, डीआरसीसी ने बताया कि वित्तीय वर्ष के 3070 लक्ष्य के विरुद्ध 4084 आवेदन प्राप्त हुए, जो 133 प्रतिशत उपलब्धि है। इस पर जिलाधिकारी ने संतोष जताते हुए रैंकिंग और बेहतर करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के तहत 6014 लक्ष्य के मुकाबले 7733 आवेदन प्राप्त हुए, जो 128.58 प्रतिशत उपलब्धि है। इस योजना में जिले की रैंकिंग 5वीं रहने पर डीएम ने सराहना की।
वहीं कुशल युवा कार्यक्रम में 14,300 लक्ष्य के विरुद्ध 10,530 आवेदन प्राप्त हुए, जो 73.64 प्रतिशत है। जिले की रैंकिंग 33वीं रहने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और प्रगति में तेजी लाने का निर्देश दिया। केवाई पोर्टल पर हस्तांतरित 1,24,069 आवेदनों में से अब तक 63,790 को प्रशिक्षण मिलने की जानकारी दी गई। शेष आवेदकों को शीघ्र प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और कमजोर प्रदर्शन वाले केंद्रों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
नीलाम पत्र दायर मामलों की समीक्षा में बताया गया कि 2235 मामलों में से 1280 वाद दायर किए जा चुके हैं। 1237 नोटिस निर्गत किए गए हैं जबकि 955 प्रस्ताव लंबित हैं। डीएम ने लंबित मामलों को समयबद्ध तरीके से निपटाने को कहा।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने विभिन्न काउंटरों पर जाकर कर्मियों और आवेदकों से फीडबैक भी लिया। मौके पर जिला योजना पदाधिकारी प्रदीप कुमार गोंड, प्रबंधक डीआरसीसी प्रेम प्रकाश दिवाकर, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (शिक्षा) कुमकुम पाठक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।