लखनऊ। उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा एवं कौशल विकास क्षेत्र पर विशेष फोकस कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने मंगलवार को मुख्य भवन स्थित कार्यालय कक्ष संख्या-87 में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर विभागीय तैयारियों का विस्तृत मूल्यांकन किया।

बैठक में मंत्री आशीष पटेल ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे अपनी वास्तविक एवं तथ्यात्मक मांगें तीन दिनों के भीतर संबंधित अनुभाग को उपलब्ध कराएं और उसकी प्रति निजी सचिव को भी भेजें। उन्होंने कहा कि योजनाएं मजबूत आधार पर तैयार हों ताकि शिक्षा क्षेत्र में निवेश का सीधा लाभ गुणवत्ता सुधार और रोजगार सृजन में दिखाई दे।
मंत्री ने परीक्षा कैलेंडर को समयबद्ध बनाए रखने पर जोर देते हुए बताया कि मई के दूसरे सप्ताह से परीक्षाएं प्रारंभ होंगी तथा 20 जून तक परिणाम घोषित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बैठक में तकनीकी संस्थानों की राष्ट्रीय रैंकिंग सुधार पर विशेष चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि एनआईआरएफ, एनबीए और नैक रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने घोषणा की कि एनआईआरएफ में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले संस्थान को नियमित बजट के अतिरिक्त विशेष प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा।
रोजगारोन्मुख शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए इंजीनियरिंग छात्रों हेतु विकसित केंद्रीकृत प्लेसमेंट पोर्टल जल्द लॉन्च किया जाएगा।
इसके माध्यम से छात्रों को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रोजगार अवसर उपलब्ध होंगे। उद्योग-संस्थान सहयोग, निजी कंपनियों के साथ एमओयू, मेकर लैब, इनोवेशन सेंटर तथा एआई और मशीन लर्निंग आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
गुणवत्ता सुधार के लिए ‘स्टेट क्वालिटी फ्रेमवर्क’ लागू किया जा रहा है, जिसके तहत संस्थानों के लिए नैक, एनआईआरएफ और एनबीए के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। मार्च माह में कार्यशालाओं के माध्यम से संस्थानों को गुणवत्ता मानकों और डेटा गैप की जानकारी दी जाएगी।
मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि योगी सरकार शिक्षा, नवाचार और कौशल विकास को आर्थिक प्रगति का आधार बना रही है। प्रदेश के युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाकर उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।