सरकार के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं पूर्ति निरीक्षक कार्यालय बाह के कर्मचारी
संवाददाता सुशील चंद्र । कोरोना महामारी ने गरीबों के सामने रोज़ी रोटी की विकराल समस्या खड़ी कर दी है लोगों के आय के स्रोत सीमित कर दिए।कामगार बेरोजगार होकर घर बैठ गए इन सभी समस्याओं के निराकरण के लिए केन्द्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा प्रवासी कामगारों और गरीबों के लिए मुफ्त खाद्यान्न से लेकर मनरेगा में काम की भी व्यवस्था की गयी है।

जिससे कि लोगों को कुछ राहत मिल सके।खाद्यान्न के लिए गरीबों और प्रवासियों के राशनकार्ड बनाने के आदेश योगी सरकार द्वारा किये जा चुके हैं लेकिन वास्तविकता इसके उलट है।बाह में पूर्ति निरीक्षक कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा योगी सरकार के आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।फरियादी 6-6 महीनों से कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उनके राशनकार्ड नहीं बनाए जा रहे हैं।

गढवार से आये फरियादी ने बताया कि वह पिछले 6 माह से ब्लॉक और तहसील में स्थित पूर्ति कार्यालय के चक्कर लगा रहा है लेकिन ऑफिस खुलने का कोई निश्चित समय नहीं है।यहाँ आने पर उसको हर बार कागज जमा कर लौटा दिया जाता है वहीं पिनाहट से आई महिला का कहना है कि वह पिछले 4 माह से राशनकार्ड के लिए चक्कर काट रही है लेकिन उसका अभी तक राशनकार्ड नहीं बनाया गया है।कर्मचारी राशनकार्ड के लिए कराए गए ऑनलाइन फॉर्म को लेकर रद्दी में फेंक देते हैं।बिजौली गावँ के फरियादी ने बताया कि वह 15 दिनों से अपने राशनकार्ड से एक यूनिट कटवाने की गुहार लगा रहा है लेकिन आज तक उसकी समस्या का समाधान नहीं किया गया है।राशनकार्ड की समस्या को लेकर पूर्ति निरीक्षक कार्यालय आये लोगों में से कुछ का कहना था कि कार्यालय के कर्मचारी राशन डीलरों से मोटी रकम लेकर डीलर द्वारा लाये गए ऑनलाईन फार्मो के ही राशनकार्ड बनाते हैं इसके लिए कर्मचारियों द्वारा धोबई गावँ पर अस्थाई ऑफिस खोल रखी है जहाँ वे रात्रि में भी राशनकार्ड का कार्य करते हैं जबकि दलालों को रुपये न देने वाले लोगों को कर्मचारियों द्वारा भगा दिया जाता है।राशनकार्ड बनवाने के लिए ठोकरें खा रहे फरियादियों ने मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री से समस्या का निराकरण करने की माँग की है फरियादियों ने कार्यालय के कर्मचारियों की मनमर्जी पर भी लगाम लगाने की भी गुहार शासन से लगायी है।