सुनील पांडेय कार्यकारी संपादक
भारत को करोना संक्रमण जैसे वैश्विक आपदा से लड़ने के लिए पीएम मोदी ने कल यानी 12 मई को रात्रि 8:00 बजे 20 लाख करोड़ रुपए का एक भारी भरकम आर्थिक पैकेज जारी करने की घोषणा की। यह भारतीय जीडीपी का करीब करीब 10 फ़ीसदी हिस्सा है। जीडीपी के 10 फीसदी के लिहाज से देखें तो यह कम से कम विश्व के 6 देशों से ज्यादा है। यह देश हैं चीन, यूनाइटेड किंगडम, इटली ,स्पेन , फ्रांस
और दक्षिण कोरिया। जर्मन द्वारा घोषित आर्थिक पैकेज में जीडीपी का 10.7 फ़ीसदी भी लगभग भारत के बराबर है। स्वीडेन का 12 फ़ीसदी ,अमेरिका का 13 फ़ीसदी एवं जापान का 21.1 फीसदी सरकार द्वारा घोषित भारत की तुलना में अधिक है। वहीं यदि हम चीन जैसे सर्वाधिक विशाल जनसंख्या वाले देश से भारतीय जनसंख्या के अनुसार जीडीपी का आकलन करें तो चीन से ढाई गुना अधिक है। यहां यह उल्लेख करना आवश्यक है की भारत का यह आंकड़ा 10 मई तक विश्व के उपर्युक्त दिए गए देशों के घोषित पैकेज के आधार पर तुलनात्मक वर्णन किया गया है । 20 लाख करोड़ को यदि भारत की जनसंख्या यानी 130 करोड़ से भाग देने पर करीब ₹15,000 प्रति व्यक्ति आता है।
भारतीय पीएम द्वारा घोषित यह आर्थिक पैकेज आत्मनिर्भर भारत अभियान का एक अहम हिस्सा है। यह आगे चलकर आत्मनिर्भर भारत अभियान में एक महत्वपूर्ण कड़ी का कार्य करेगा। इससे पूर्व जितने भी राजनीतिक दल अथवा आर्थिक संगठन थे सभी इतने बड़े आर्थिक पैकेज की मांग नहीं की थी ,क्योंकि उन्हें उम्मीद ही नहीं थी भारत सरकार इतने बड़े आर्थिक पैकेज की घोषणा करेगी। हां यह सत्य है की आर्थिक पैकेज की मांग उद्योग जगत सहित कई अन्य क्षेत्रों में पहले से की जा रही थी। पीएम मोदी के इस आर्थिक पैकेज की घोषणा के बाद शेयर बाजार में 1150 अंको का उछाल दर्ज किया गया है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माना जा सकता है। पीएम मोदी ने अपने आधे घंटे से अधिक संबोधन में आत्मनिर्भर शब्द का 38 बार प्रयोग किया। इससे पीएम मोदी के दूरदृष्टि वाले विजन का अंदाजा लगाया जा सकता है। पीएम मोदी ने कहा की यह आर्थिक पैकेज आत्मनिर्भर भारत अभियान की अहम कड़ी के तौर पर काम करेगा । इससे देश के किसान मजदूर और मध्यम वर्ग से लेकर उद्योग तक नई ऊर्जा मिलेगी। अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा संकट के समय लोकल ने हीं हमें बचाया ।अतः वर्तमान समय में लोकल सिर्फ हमारी जरूरत ही नहीं वरन् अर्थव्यवस्था के विकास के लिए भी जरूरी है । यदि हम पीएम मोदी की बात को और सरल शब्दों में कहें तो पीएम मोदी लोकल प्रोडक्ट पर विशेष जोर दिया। उनका कहना था लोकल प्रोडक्ट एक दिन ग्लोबल प्रोडक्ट बनता है । गौरतलब है कि 1991 के पश्चात आर्थिक सुधारों के बाद देश के किसी प्रधानमंत्री ने लोकल स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग कि इतनी जोरदार तरीके से अपनाने की बात कभी नहीं कहीं। इस तरह के वक्तव्य देने का सीधा -सीधा आशय पीएम ने स्वदेशी प्रोडक्ट को अपनाने पर विशेष बल दिया है। उन्होंने कहा हर भारतीय को लोकल के लिए वोकल बनना होगा । इतना ही नहीं अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा की हमें ना सिर्फ लोकल खरीदना है वरन् उसे गर्व के साथ प्रचार-प्रसार भी करना है। आत्मनिर्भरता हमें सुख व संतोष देने के साथ ही सशक्त भी बनाती है ।आत्मनिर्भर भारत का नया युग प्रत्येक भारतीय के लिए नूतन प्रण और नूतन पर्व भी है। पीएम मोदी के इस आर्थिक पैकेज की घोषणा का विस्तृत विवरण आज शाम 4:00 बजे वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण एक एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में देंगी। मेरी राय में पीएम मोदी के इस आर्थिक पैकेज से भारतीय अर्थव्यवस्था का पहिया अवश्य घूमेगा तथा भारतीय अर्थव्यवस्था को एक नई गति एवं दिशा प्राप्त होगी।