जनवाद संवाददाता
भारत की एकता अखंडता की मिसाल कायम करने वाली गंगा- जमुनी तहजीब के दो पहलू (हिंदू -मुसलमान) जिसमें एक के अभाव में गंगा -जमुनी तहजीब अस्तित्व विहीन हो जाएगी l भारतीय भाईचारे की मिसाल का कोई अस्तित्व नहीं रहेगा l
मुस्लिम मित्रों आपका स्वभाव है कि जब -जब देश दुनिया पर संकट आया आपने अपनी सेवा से, जकात तथा खैरात से तथा अपनी जान जोखिम में डालकर, कुर्बानियां व शहादत देकर, नमाज में अमन शांति की दुआ कर हम सब को संकट से उबारा है l देश की भाषा, कला ,संस्कृति ,स्थापत्य कला के नमूने, प्रशासनिक सुधार, कृषि व राजस्व सुधार, सिंचाई के संसाधनों को विकसित कर नहर बनाने , सिनेमा जगत को प्रदान की गई सौगातें का देश सदैव ऋणी रहेगा l
कुछ स्वार्थी ,लालची, अमन विघटन कारियों ने देश को महामारी में धकेल कर देश में लाचारी, बेबसी पैदा की है l गंगा -जमुनी तहजीब को खंडित करने का कार्य किया है l लाशों के ढेर चीख -चीख कर अमन की दुआ मांग रहे हैं l ऐ! अमन पसंद भाइयों हम सब के दुख दर्द निवारण हेतु इस ईद के चांद का दीदार कर अल्लाह से देश दुनिया के लिए अमन की दुआ करें और हम सबको विकराल परिस्थितियों से उबार कर एक नई इबारत लिखें l
देश के अमन पसंद लोग आपकी तरफ आशा भरी नजरों से निहार रहे हैं l आप सभी को सपरिवार ईद मुबारक हो l
डॉ धर्मेंद्र कुमार
राष्ट्रीय महासचिव
अनुसूचित जाति /जनजाति प्रकोष्ठ
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया)