मनोज कुमार राजौरिया इटावा । पिछले करीब पांच माह से कोरोना की मार को जैसे तैसे झेल रहे है और तो और बीते चार माह से ग्रामीण क्षेत्र जसवंतनगर के उपभोक्ता बिजली की अघोषित कटौती से खासे परेशान हैं। भीषण गर्मी और उमस से झुलस रहे बिजली उपभोक्ताओं को शासन द्वारा जारी किए गए निर्देश के मुताबिक बिजली नहीं मिल पा रही है। इसके चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस समय पड़ रही बदन को झुलसाने वाली उमस व गर्मी जहां लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है, वहीं बिजली की कटौती से लोग त्रस्त हैं। उप्र पावर कारपोरेशन तथा प्रदेश की योगी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र को 18 घंटे बिजली आपूर्ति का रोस्टर जारी किया हुआ है, लेकिन लोगों को 10 घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है। बिजली की अघोषित कटौती से कस्बों की पेयजल व्यवस्था चरमरा गई है। आटा चक्की बंद हो जाने से लोगों को शहर की ओर पलायन करने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में बिजली न आने से ¨सचाई के अभाव में फसलें भी सूखने लगी हैं। जसवंतनगर, महेवा, बकेवर, उदी, ताखा, भरथना, बसरेहर आदि स्थानों पर बिजली कटौती से लोग परेशान हैं।
जसवंतनगर विद्युत विभाग की लापरवाही से दिन और रात में घंटों विद्युत सप्लाई बाधित रहती है। जगह-जगह झूलती टूटी फटी केबिल विद्युत खंभों के बीच आए दिन फाल्ट करती है ,साथ ही उनसे लगा इलाका अंधेरे में परिवर्तित तो होता ही है साथ ही गर्मी के कारण घरों में उमस भरी गर्मी से बाल -बच्चे वृद्ध परेशान हो जाते हैं।
विद्युत फीडर इंचार्ज से संपर्क करने पर बेतुकी बातें सुनने को मिलती हैं श्री देशराज सिंह या श्री बारेलाल से संपर्क करने पर उल्टा उपभोक्ता को हड़का दिया जाता है ,जिसका मैं स्वयं शिकार हुआ हूं l वहीं यदि इलेक्ट्रीशियन रवि को ठीक करने के लिए भेजा जाता है तो वह हर बार 200 से ₹500 सुविधा शुल्क मांगता है न देने पर वापस चला जा कर फीडर से जवाब मिलता है कि दोबारा फोन मत करना l
इस संबंध में डॉ धर्मेंद्र कुमार राष्ट्रीय महासचिव अनुसूचित जाति/ जनजाति प्रकोष्ठ प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया ने इटावा जिला अधिकारी को पत्र लिख सूचना से अवगत करवाया गया है।
वही क्षेत्र के लुधुपुरा वार्ड नंबर 14 पूर्वी की सप्लाई फीडर से रेल मंडी वन से दी जाती है जिसका ट्रांसफार्मर वेदव्रत गुप्ता और कुल्लू पत्रकार के मकान के पास लधपुरा के पूर्व में 300 मीटर दूर रखा है जहां से सप्लाई केविल शेर सिंह शाक्य ,रामशंकर एडवोकेट के दरवाजे पर दो जगह टूटी है जहां महीने में करीब 10 बार फॉल्ट होता है फीडर इंचार्ज सही कराने में तानाशाही दिखाते हैं तो इलेक्ट्रीशियन मैकेनिक पैसा मांगता है। क्योंकि कोरोना काल में सरकार के निर्देशानुसार प्रत्येक व्यक्ति को घर में रहने की हिदायत दी गई है, ऐसे में उपभोक्ता घर में ही उमस भरी गर्मी सहन करते रहते है।