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मेरठ न्यूज: पुलिस लाइन में विश्व कैंसर दिवस का आयोजन किया गया।

संवादाता: मनीष गुप्ता

मेरठ जिले में 04 फरवरी को वामा सारथी पुलिस फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के तत्वाधान में विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन्स, मेरठ में कार्यशाला का आयोजन किया गया । उक्त अवसर पर श्रीमती शालिनी सभरवाल धर्मपत्नी श्री राजीव सभरवाल अपर पुलिस महानिदेशक, मेरठ जोन, मेरठ एवं श्रीमती ऋचा साहनी धर्मपत्नी श्री अजय कुमार साहनी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मेरठ एवं उक्त कार्यशाला में कैंसर के खतरे के बारे में पुलिस कर्मियों एवं परिवारीजनों को जागरूक करने एवं कैंसर के इतिहास के बारे में बताने, कैंसर होने के कारणों, इनके लक्षणों और बचाव के बारे में जानकारी देने के उद्देश्य से पी0एल0 शर्मा, जिला चिकित्सालय, मेरठ से डा0 प्रीति त्यागी को आमंत्रित किया गया । उक्त अवसर पर पुलिस लाइन्स स्थित समस्त मद / शाखाओं में नियुक्त प्रभारीगण एवं अधीनस्थ पुलिस कर्मियों के साथ-साथ पुलिस परिवारीजन भी उपस्थित रहे । कैंसर के संबंध में फैली गलत धारणाओं को कम करने और कैंसर मरीजों को मोटीवेट करने के लिए इस दिन को मनाया जाता है। इस वर्ष विश्व कैंसर दिवस की थीम है ‘‘मैं हूँ और मैं रहूंगा’’ ( “I am and I Will” ) ये थीम साल 2019 से 2021 तक यानि तीन साल के लिए रखी गयी है, जो इस वर्ष भी कायम है ।

Meerut News: World Cancer Day was organized in the police line.

विश्व कैंसर दिवस के इतिहास की बात करें तो सबसे पहले विश्व कैंसर दिवस वर्ष-1933 में जिनेवा, स्विट्जरलैंड में यूनियन फार इंटरनेशनल कैंसर कंट्रोल (UICC) के द्वारा मनाया गया था । कैंसर होने की वजह-लम्बे समय तक तंबाकू या गुटखे का सेवन करना, सिगरेट पीना, शराब पीना, लंबे समय तक रेडिएशन के सम्पर्क में रहना, आनुवंशिक दोष होना, शारीरिक निष्क्रियता, खराब पोषण एवं कभी कभी मोटापा भी कैंसर होने की वजह बन सकता है। इसके लिए सरकारी और गैर सरकारी संगठन विश्व भर में कैंप, लेक्चर और सेमीनार का आयोजन करते हैं। कैंसर के प्रकार-स्तन कैंसर, सवाईकल कैंसर, पेट का कैंसर, ब्लड कैंसर, गले का कैंसर, गर्भाशय का कैंसर, अंडाशय का कैंसर, प्रोस्टेट ;पौरूष ग्रंथिद्ध कैंसर, मस्तिष्क का कैंसर, लिवर कैंसर, बोन कैंसर, मुँह का कैंसर और फेफड़ों का कैंसर शामिल है । कैंसर के लक्षण-शरीर के किसी हिस्से में गांठ महसूस होना, निगलने में कठिनाई होना, पेट में लगातार दर्द बने रहना, घाव का ठीक न होना, त्वचा पर निशान पड़ जाना, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना, निप्पल में बदलाव होना, शरीर का वजन अचानक से कम या ज्यादा होना। कैंसर से बचाव-शराब का सेवन न करें, रेडिएशन के सम्पर्क में आने से बचें, फाइबर युक्त डाइट लें, धूम्रपान करने से बचें, डाइट में अधिक फैट न लें, शरीर का सामान्य वजन बनाए रखें, नियमित रूप से एक्सरसाइज करें। उक्त कार्यशाला से सम्बन्धित समस्त व्यवस्थायें श्री होरी लाल सिंह, प्रतिसार निरीक्षक, पुलिस लाइन्स, मेरठ द्वारा सकुशल सम्पादित करायी गयीं।