संवाददाता : राजेन्द्र कुमार
हाजीपुर । वैशाली
कृषि विज्ञान केंद्र हरिहरपुर, वैशाली में भारत सरकार के सहयोग से एक दिवसीय उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन आईसीएआर एवं राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मुजफ्फरपुर के तत्वावधान में तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME), भारत सरकार के सहयोग से किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला किसानों, ग्रामीण युवाओं, स्वयं सहायता समूहों तथा भावी उद्यमियों को लीची आधारित उद्यमिता, प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन के अवसरों के प्रति जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ कृषि विज्ञान केंद्र वैशाली की वैज्ञानिक (गृह विज्ञान) डॉ. कविता वर्मा ने किया। यह आयोजन वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अनिल कुमार सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

इस दौरान प्रतिभागियों को उद्यमिता विकास, स्वरोजगार के अवसरों, स्टार्टअप संभावनाओं तथा लीची आधारित लघु उद्योग स्थापित करने की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि लीची प्रसंस्करण एवं वैल्यू एडिशन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. इप्सिता समल, वैज्ञानिक (कृषि कीट विज्ञान) एवं इंजीनियर अंकित कुमार, वैज्ञानिक, आईसीएआर–राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र, मुजफ्फरपुर द्वारा किया गया।
प्रतिभागियों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। कार्यक्रम के सफल संचालन में इशिता सिंह, ऋचा श्रीवास्तव, रवि कुमार, रमाकांत, रवि रंजन, सोनू, दीपक कुमार एवं मोहित का महत्वपूर्ण योगदान रहा।