संवाददाता: मोहन सिंह
बेतिया / पश्चिमी चंपारण
पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया में जिला कृषि कार्यालय और कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को दो दिवसीय जिला स्तरीय ‘कृषि यंत्रीकरण मेला’ का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उप विकास आयुक्त काजले वैभव नितिन ने दीप प्रज्वलित कर एवं फीता काटकर किया।
केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह तथा जिला कृषि पदाधिकारी सरफराज असगर ने बताया कि मेले का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों एवं नई तकनीकों से अवगत कराना है।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त ने कहा कि बदलते परिवेश में खेती को लाभकारी बनाने के लिए मशीनीकरण अनिवार्य है। उन्होंने कहा, “परंपरागत खेती में श्रम और लागत अधिक लगती है, जबकि आय सीमित रहती है। कृषि यंत्रीकरण से किसान समय की बचत के साथ उत्पादन लागत कम कर अपनी शुद्ध आय बढ़ा सकते हैं।” उन्होंने किसानों से सरकार द्वारा दिए जा रहे अनुदान का लाभ उठाकर आधुनिक खेती अपनाने की अपील की।

मेले में कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों ने किसानों को ड्रोन तकनीक, हैप्पी सीडर, जीरो टिलेज मशीन और रोटावेटर जैसे अत्याधुनिक यंत्रों की कार्यप्रणाली की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि किस प्रकार कम पानी और कम बीज में भी मिट्टी की उर्वरता बनाए रखते हुए बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और आधुनिक कृषि उपकरणों के प्रति उत्साह दिखाया।
उद्घाटन के पश्चात मुख्य अतिथि ने विभिन्न प्रदर्शन इकाइयों का अवलोकन किया और प्रसार गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र क्षेत्र के किसानों के लिए एक “प्रकाश स्तंभ” की तरह कार्य कर रहा है।
उन्होंने वैज्ञानिकों को निर्देश दिया कि प्रशिक्षण और तकनीक का लाभ गांव के अंतिम किसान तक पहुंचे। साथ ही, चंपारण की स्थानीय आम प्रजाति ‘जरदा’ को जीआई टैग दिलाने के प्रयासों पर भी चर्चा की गई, जिससे क्षेत्रीय कृषि को नई पहचान मिल सके।
इस अवसर पर जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, सहायक निदेशक (कृषि अभियांत्रिकी) सहित डॉ. सौरभ दुबे, डॉ. जगपाल, डॉ. हर्ष बी.आर., डॉ. चैलपुरी रमूल एवं कृषि विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।