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भागलपुर-सबौर में किसान मेले का आगाज, ‘रुस्तम’ / जमुनापारी और ‘कड़कनाथ’ रहा आकर्षण का केंद्र

भागलपुर बिहार समाचार :भागलपुर में सबौर स्थित बिहार कृषि विश्वविद्यालय में रविवार को तीन दिवसीय किसान मेले का आगाज हुआ। मेले में बकरा पालन के लिए नयी नस्ल को देखने के लिए किसानों की भीड़ जुट गई। प्रदर्शनी में सिरोही, जमुनापारी, बारबरी, ब्लैक बंगाल नस्ल के बकरे लगाये गये थे।
राजस्थान के सिरोही नस्ल के 23 माह के रुस्तम का वजन 70 किलो का है।

इटावा में पाया जाने वाले जमुनापारी नौ माह में ही 30 किलो का है। इस नस्ल के बकरे का बिहार में पालन हो रहा है। मेले में किसानों ने बकरे के नस्ल की जानकारी ली।
वहीं मुर्गी पालन को लेकर ही कड़कनाथ भी मेले में था। स्टॉल पर यह बताया जा रहा था कि भागलपुर में यह मिल रहा है। इसके पालन को लेकर किसानों को जागरूक किया जा रहा था।
वहीं सबौर एग्री इनक्यूबेटर्स (सबएग्रीस) के तहत विश्वजीत ने मुर्गी पालन मल्टीपल स्टोरेज कमरा बनाया है जिसमें आसानी से मुर्गी पालन किया जा सके। वहीं गिरीडीह के निखिल कुमार सिन्हा ने महुआ से जेम, लड्डू और तेल तैयार किया है। जबकि बालकृष्ण गोयल ने कचरा निष्पादन और विकास ने कीड़े-मकोड़े को पकड़ने के लिए तैयार संयंत्र की किसानों को जानकारी दी।
तुलसी की वेरायटी पर इस्लामपुर में शोध
पान अनुसंधान केंद्र इस्लामपुर से आए डॉ. अजीत कुमार पांडेय ने कहा कि गुजरात से कपूर और श्याम तुलसी के साथ-साथ तुलसी की तीन वेरायटी पर शोध हो रहा है। इन पौधों में तेल की मात्रा अन्य तुलसी से अधिक पायी जाती है। अगले साल शोध संस्थान के द्वारा तुलसी का तेल लेकर बाजार में आएगा। इसका इस्तेमाल कफ, सर्दी और दर्द निवारक में होगा। साथ ही इसका माउथ वाश के रूप में भी प्रयोग हो पाएगा।