Breaking News इटावा उतरप्रदेश तीर ए नज़र

जनसेवा केंद्र, फोटोकॉपी सेंटर पर हो रहे फर्जीवाड़े में ई-डिस्ट्रिक्ट डी. एम./ एस. डी. एम. ने छापे मारे

मनोज कुमार राजौरिया इटावा : शहर के जनसेवा केंद्र और फोटोकॉपी सेंटरों पर फर्जी तरीके से आधार, पैन, वोटर आईडी आदि बनाने का खुलासा हुआ है। एक जनसेवा केंद्र और दो फोटोकॉपी सेंटरों पर हजारों की संख्या में फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस ने तीनों केंद्रों के कंप्यूटर समेत अन्य सामान को कब्जे में ले कर जांच शुरू कर दी है। जांच के आधार पर दस्तावेज बनाने और बनवाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

सिटी मजिस्ट्रेट सतेंद्र नाथ शुक्ला, एसडीएम सिद्धार्थ व सीओ वैभव पांडेय ने मंगलवार शाम और बुधवार सुबह शहर के भरथना चौराहा, दीप टॉकीज के आसपास, चौगुर्जी व कलक्ट्रेट में 15 जनसेवा केंद्र और फोटोकॉपी सेंटरों पर छापे मारे। इसमें सेंटरों पर रखे कागजों के अलावा कंप्यूटर में लोड रिकार्ड खंगाला गया। एसडीएम सदर सिद्धार्थ ने बताया कि कलक्ट्रेट स्थित एक फोटो स्टूडियो, एक कंप्यूटर और भरथना चौराहा स्थित एक कामन सर्विस सेंटर पर गड़बड़ी मिली। इन सेंटर के कंप्यूटर पर फर्जी तरीके बनाए गए हजारों की संख्या में फर्जी तरीके से बनाए गए आधार कार्ड, पैनकार्ड, वोटर आईडी, राशनकार्ड, निवास प्रमाणपत्र, वाहनों की आरसी, परमिट और चरित्र प्रमाणपत्र मिले हैं। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि सिविल लाइन और फ्रेंड्स कॉलोनी थाना पुलिस के कंप्यूटर और अन्य सामग्री जब्त कर ली है। सीओ सिटी वैभव पांडेय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
एसडीएम सदर सिद्धार्थ ने बताया कि फर्जी आधार, वोटर आईडी, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज बैंक में खाता खेालने, नौकरी हासिल करने और सरकारी योजानाओं का लाभ लेने के लिए लगाए जाते हैं। सरकारी योजनाओं में इस तरह के फर्जी दस्तावेज पकड़े जा चुके हैं। सदर तहसील क्षेत्र के सभी जनसेवा केंद्र, फोटो कॉपी सेंटर और कंप्यूटर सेंटरों की जांच की जाएगी।
एसडीएम सिद्धार्थ ने कहा कि फर्जी दस्तावेज बनाने वाले से ज्यादा बनवाने वाला दोषी है। बनाने वालों पर शिकंजा कसा गया है। उनसे पूछताछ के आधार पर बनवाने वालों पर भी मुकदमा दर्ज किया जा सकता है।
जिले में 1500 सीएससी व जनसेवा केेंद्र
ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर अजय प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में 1500 जनसेवा केंद्र और सीएससी पंजीकृत हैं। इनमें 750 ही सक्रिय हैं। ग्राम पंचायतों में आबादी के हिसाब से एक या उससे अधिक और निकायों में सभी वार्डों में कम से कम एक एक जनसेवा केंद्र/सीएचसी अनिवार्य है। वार्ड की आबादी अधिक होने पर दो या उससे अधिक भी खुलवाए जाते हैं। इस जनसेवा केंद्र पर फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है उसका पंजीकरण निरस्त कर ब्लैक लिस्टेड कर दिया जाएगा।
जिलाधिकारी जेबी सिंह ने बताया कि लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर सभी तहसीलों क्षेत्रों में एसडीएम को जांच के आदेश दिए गए हैं। शहर के साथ पूरे जिले में जांच का अभियान शुरू कर दिया गया है। फर्जी दस्तावेज बनाने वालों के साथ बनवाने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।