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Etawah News: सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में कुलपति की लापरवाही से चार मरीज़ों की मौत

जनवाद ब्यूरो

सैफई (इटावा) सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के कोविड वार्ड में लापरवाही से 2 मरीजों की मौत का आरोप प्रत्ययदर्शियों ने लगाया है, वही कुलपति की तानाशाही के चलते बुधवार को जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल में एक मरीज की मौत हो गयी वह एक घंटे तक एम्बुलेंस में पड़ा रहा उसे भर्ती नही किया गया। सैफई सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में कुलपति की तानाशाही रवैया के चलते स्थितियां ठीक नहीं चल रही है या जूनियर डॉक्टर की हड़ताल के चलते लगभग आधा दर्जन मरीज घंटों ट्रामा सेंटर के बाहर तड़पते रहे इसमें फफूँद के एक मरीज अर्पित मिश्रा की मौत हो गई उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के जूनियर डॉक्टर कई मांगों को लेकर ट्रामा सेंटर के बाहर एकत्रित होकर हड़ताल पर बैठ गए लेकिन कोरोना काल देखते हुए भी कुलपति उनके पास नहीं पहुंचे जब मरीजों में और उनके तीमारदारों ने हल्ला मचाना शुरू कर दिया और इटावा से मीडिया कर्मियों के कुलपति के पास फोन आने लगे तो कुलपति 4 घंटे बाद हड़ताली जूनियर डॉक्टरों को मनाने पहुंचा । जूनियर डॉक्टरों का आरोप है कि संस्थान में पीपीई किट नही है ग्लवस नही है मास्क नही है हमारे चिकित्सक साथी जो कोरोना संक्रमित हो गया उसको इलाज के लिए भर्ती होने के लिए प्राइवेट रूम नहीं दिया गया उसके इलाज की व्यवस्था नहीं की गई हम कोरोना के मरीजों का इलाज कर रहे हैं और अगर हमें ही कोरोना हो रहा है और हमें यह इलाज न मिले तो बताइए क्या किया जाए उन्होंने बताया कि उनका एक साथी सुबह 8 बजे से इंतजार में बैठा रहा कि उसको एक प्राइवेट रूम दे दिया जाए और उसका इलाज चालू हो लेकिन साथी को प्राइवेट रूम नहीं दिया गया जबकि कई प्राइवेट रूम खाली थे जूनियर डॉक्टरों ने बताया कि कुलपति प्राइवेट रूम वीआईपी को देने के लिए खाली रखे हुए हैं उन्हें स्टाफ की जान की कोई परवाह नहीं है जानकारी मिली है कि उक्त सामान आ चुका है जो जल्दी वितरित किया जाएगा।

हड़ताली जूनियर डॉक्टर को समझाने में कुलपति ने लिया एक घंटा

जिस समय जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर थे उस समय कुलपति आए और मरीज़ों को अनदेखा कर दिया वह हड़ताली डॉक्टर को अपनी लच्छेदार बातों में उलझाते रहे और उधर मैनपुरी की एक वृद्ध महिला साँस की तकलीफ़ व आक्सीजन की तकलीफ से जूझती रही। वही फफूँद का अर्पित मिश्रा लगभग एक घंटे एम्बुलेंस में तड़पता रहा और मर गया परिजनों का आरोप था कि अगर अमर पर इलाज मिल जाता तो मरीज की जान बचाई जा सकती थी।

जानिए क्यो हुई जूनियर डॉक्टर की पाँच घंटे की हड़ताल

आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर संक्रमित हुए साथी को रूम न मिलने पर भड़के हुए थे इसी वजह हड़ताल हुई इसके अलावा, विवि में पीपीई किट , ग्लव्स , फेस मास्क न मिलने का मुद्दा भी मुख्य रहा। कोरोना संक्रमितं साथी को प्राइवेट रूम न दिए जाने से भड़के उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई जूनियर डॉक्टरों ( जेआर ) ने हड़ताल कर दी । इमरजेंसी ट्रामा सेंटर गेट के सामने धरने पर बैठे जेआर का कहना है कि पीपीई किट , ग्लब्स , फेस मास्क आदि संसाधन न मिलने स्वास्थ्य खतरे में है । उन्होंने कुलपति के खिलाफ नारेबाजी की स्वास्थ्य सेवाएं ठप होने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा । बुधवार को जूनियर डॉक्टरों का गुस्सा उस समय फूटा , जब उनके एक साधी चिकित्सक के कोरांना संक्रमित होने की जानकारी मिली जेआर ने उनके लिए , प्राइवेट रूम खोलने को कहा तो विवि प्रशासन ने इससे इन्कार कर कहा कि खाली रूम सिर्फ वीआइपी लोगों के लिए हैं जूनियर डाक्टरों का कहना है कि 15 रूम खाली थे और दिन – रात मेहनत के बाद भी कोई सुविधाएं नहीं दी जा रही है । उनका कहना है कि पिछले 13 माह से कोविड ड्यूटी कर रहे हैं लेकिन इस महामारी से लड़ने के लिए विवि प्रशासन ने समुचित व्यवस्था नहीं की है । फेस मास्क पीपीई किट और ग्लब्स तक की कमी बनी है । इससे उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है कई बार शिकायत के बाद भी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है । मीटिंग में भरांसा देकर सिर्फ झूठा आश्वासन दिया जाता है ।। नर्सिंग एसोसिएशन ने दिया था 10 सूत्रीय ज्ञापन मंगलवार को नसिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल गोयल एवं जूनियर डॉक्टरों ने प्रशासनिक भवन घेरकर 24 घंटे में मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर कुलपति को संबोधित 10 सूत्रीय ज्ञापन दिया ।

Etawah News: Four patients died due to negligence of VC at Saifai Medical University

ऑक्सीजन की कमी व लापरवाही पर शिवपाल ने लिखा था सीएम को पत्र

तीन दिन पूर्व में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी ( प्रसपा ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं जसवंतनगर से विधायक शिवपाल सिंह यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा था । उन्होंने विवि में ऑक्सीजन को आपूर्ति कराने व कई अन्य समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री की पत्र लिखा है।

कोरोना वार्ड में खाली ऑक्सीमेटर के प्रयोग से दो मौत

सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में कोरोना वार्ड में भर्ती फरूखाबाद से आये मरीजों के तीमारदारों ने गंभीर आरोप लगाए उन्होंने बताया कि कंट्रोल रूम में झूठ बोलते है मरीजो को मारा जा रहा है मरीज को कोई हाथ नही लगा रहा है।

एक बेड का ऑक्सीमीटर खराब था उसी पर दो मरीज लिटा दिया दोनों मरीज की मौत हो गयी तीसरा मरीज भी उसी बैड पर तीसरा मरीज लिटाया था बाद में पता चला तब ऑक्सीमीटर बदल दिया गया। एक महिला मरीज की 17 अप्रेल को व एक की 19 अप्रेल को मौत का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि मरीजो को जान बूझकर लापरवाही से मारा जा रहा है।

आक्सीजन न मिलने से मौत का आरोप

18 अप्रैल को मेडीसिन वार्ड में संतोष कुमार को भर्ती कराया गया था उनके पुत्र बल्लू ने आरोप लगाया कि मेरे पिता तीन दिन से लगातार तड़पते रहे उन्हें आक्सीजन की ज़रूरत थी लेकिन आक्सीजन नही दी गयी और कल बुधवार को आठ बजे उनकी मौत हो गयी।