Skip to content

जनवाद टाइम्स

Primary Menu
  • Home
  • Latest News
  • National
  • Uttar Pradesh
  • Bihar
  • Education
  • Politics
  • Jobs
  • Crime
  • Technology
  • Health
  • Business
  • Sports
  • Live TV
  • Contact Us
Light/Dark Button
  • Breaking News

Aligarh News: अलीगढ में जाट आइकॉन’ राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर पीएम मोदी ने रखी विश्वविद्यालय की आधारशिला

जनवाद टाइम्स इटावा 14 September 2021
Aligarh News: PM Modi lays foundation stone of university in Aligarh after Jat icon Raja Mahendra Pratap Singh

Aligarh News: PM Modi lays foundation stone of university in Aligarh after Jat icon Raja Mahendra Pratap Singh

Share News
       

ब्यूरो संवाददाता मनोज कुमार राजौरिया

अलीगढ: इतिहास के पन्नों में भुला दिए गए ‘जाट आइकॉन’ राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने जिस शैक्षिक-सामाजिक परिवर्तन का सपना देखा था, उसके पूरा होने का समय आ गया है। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अलीगढ़ में ‘जाटलैंड के नायक’ के नाम पर विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी । इस खास मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ,डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा व राजा महेंद्र प्रताप के वंशजों की मौजूदगी रही। इसके साथ ही 14 सितंबर 2019 को सीएम योगी आदित्यनाथ के द्वारा लिया गया वह संकल्प भी पूरा होगा, जबकि उन्होंने तुष्टिकरण की राजनीति के चलते उपेक्षित कर दिए गए राजा महेंद्र प्रताप सिंह को यथोचित सम्मान दिलाने का वचन दिया था।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने अपनी सम्पत्ति दान कर दी थी। उस अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के इतिहास में राजा महेंद्र प्रताप सिंह को कोई स्थान नहीं मिला। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी जो तथ्य दिए गए हैं, उसमें सिर्फ सैय्यद अहमद खान के योगदान का जिक्र तो है पर विश्वविद्यालय के लिए जमीन का एक बड़ा हिस्सा दान करने वाले राजा महेंद्र प्रताप सिंह का कोई उल्लेख नहीं है।

Aligarh News: PM Modi lays foundation stone of university in Aligarh after Jat icon Raja Mahendra Pratap Singh

इतिहास की इस भूल के सुधार की जरूरत बताते हुए मुख्यमंत्री योगी ने राजा महेंद्र प्रताप सिंह को उनका गौरव वापस दिलाने का संकल्प लिया था। योगी ने राजा महेंद्र प्रताप के नाम पर अलीगढ़ जिले में राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापना की घोषणा की थी। बकौल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ “ राजा महेंद्र प्रताप ने अपनी पूरी सम्पत्ति दान कर दी मगर उनके साथ न्याय नहीं हुआ। उन्हें भुला दिया गया।”

देश के दो बड़े विश्वविद्यालयों के ‘नींव की ईंट’ की तुलना करें तो अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, दोनों की स्थापना में क्षेत्रीय राजाओं ने भूमि दान की थी मगर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के संस्थापक सर सैय्यद अहमद खान ने भूमि दान देने वाले राजा महेंद्र प्रताप सिंह को भुला दिया जबकि पंडित मदन मोहन मालवीय ने काशी नरेश के योगदान को सदैव सिर-माथे पर रखा। प्रसिद्ध इतिहासकार इरफ़ान हबीब ने लिखा है कि राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने ब्रिटिश सरकार का विरोध किया था। वर्ष 1914 के प्रथम विश्वयुद्ध के दौरान वह अफगानिस्तान​ गए थे। 1915 में उन्होंने आज़ाद हिन्दुस्तान की पहली निर्वासित सरकार बनवाई थी।” बाद में सुभाष चंद्र बोस ने 28 साल बाद उन्हीं की तरह आजाद हिंद सरकार का गठन सिंगापुर में किया था। एक समय उन्हें नोबल शांति पुरस्कार के लिए भी नामित किया गया था।

वर्ष 1976 में राजा महेंद्र प्रताप को सर्वसम्मति से अखिल भारतीय जाट महासभा का अध्यक्ष चुना गया। इससे पहले 29 अगस्त 1949 को कोलकाता की एक विशाल सभा में उन्हें ‘राजर्षि’ के सम्मान के साथ अभिनंदन किया गया था। यही नहीं, कोलकाता में हिंदी शिक्षा परिषद ने 18 दिसंबर 1960 को उन्हें ‘विश्व रत्न सम्मान’ से विभूषित किया। महेन्द्र प्रताप का जन्म 01 दिसम्बर 1886 को एक जाट परिवार में हुआ था जो मुरसान रियासत के शासक थे। यह रियासत वर्तमान उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में थी। वे राजा घनश्याम सिंह के तृतीय पुत्र थे, जब वो तीन साल के थे तब हाथरस के राजा हरनारायण सिंह ने उन्हें पुत्र के रूप में गोद ले लिया। साल 1902 में उनका विवाह बलवीर कौर से हुआ था जो जिन्द रियासत के सिद्धू जाट परिवार की थीं। विवाह के समय वे कॉलेज की शिक्षा ले रहे थे।

राजा महेंद्र सिंह के बारे में बताया जाता है कि मैसर्स थॉमस कुक एंड संस के मालिक बिना पासपोर्ट के अपनी कम्पनी के पी एंड ओ स्टीमर द्वारा राजा महेन्द्र प्रताप और स्वामी श्रद्धानंद के ज्येष्ठ पुत्र हरिचंद्र को इंग्लैंड ले गए। उसके बाद जर्मनी के शसक कैसर से उन्होंने भेंट की। वहां से वो अफगानिस्तान गए। फिर बुडापेस्ट, बुल्गारिया, टर्की होकर हेरात पहुंचे जहां अफगान के बादशाह से मुलाकात की और वहीं से 01 दिसम्बर 1915 में काबुल से भारत के लिए अस्थाई सरकार की घोषणा की जिसके राष्ट्रपति स्वयं तथा प्रधानमंत्री मौलाना बरकतुल्ला खां बने। यहां स्वर्ण-पट्टी पर लिखा सूचनापत्र रूस भेजा गया। साल 1920 से 1946 विदेशों में भ्रमण करते हुए विश्व मैत्री संघ की स्थापना की, फिर 1946 में भारत लौटे। यहां सरदार पटेल की बेटी मणिबेन उनको लेने कलकत्ता हवाई अड्डे गईं। इसके बाद वो संसद-सदस्य भी रहे। 26 अप्रैल 1979 में उनका देहांत हो गया।

Post navigation

Previous: Mainpuri News: अमरूद के बाग में तमंचे से गोली मारकर की आत्महत्या, पुलिस व फोरेंसिक टीम ने जाँच पड़ताल की शुरू 
Next: Etawah News: जनपद के सभी थानों में बनेगा महिलाओ के लिए पिंक टायलेट

 

राशिफल

News Archive

IMG-20260621-WA0199
  • Breaking News
  • Etawah
  • Uttar Pradesh

Etawah News: एनीमिया पीड़ित बालिका को रक्तदान कर पुलिस ने पेश की मानवता की मिसाल

जनवाद टाइम्स इटावा 21 June 2026
IMG-20260621-WA0019
  • Breaking News
  • Bihar

Bihar News: जिला रेड क्रॉस सोसाइटी एवं महिला पतंजलि योग समिति का तीन दिवसीय योग शिविर संपन्न

जनवाद टाइम्स 21 June 2026
IMG-20260621-WA0022
  • Breaking News
  • Bihar

Bihar News: पश्चिम चंपारण में एटक का छठा जिला सम्मेलन संपन्न, मजदूर एकता और संघर्ष तेज करने का आह्वान

जनवाद टाइम्स 21 June 2026
IMG-20260621-WA0026
  • Breaking News
  • Bihar
  • West Champaran (Betiah)

Bihar News: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर वृद्धाश्रम सहारा में योग शिविर एवं नशा मुक्ति रैली का आयोजन

जनवाद टाइम्स 21 June 2026

Latest News

  • Etawah News: एनीमिया पीड़ित बालिका को रक्तदान कर पुलिस ने पेश की मानवता की मिसाल
  • Bihar News: जिला रेड क्रॉस सोसाइटी एवं महिला पतंजलि योग समिति का तीन दिवसीय योग शिविर संपन्न
  • Bihar News: पश्चिम चंपारण में एटक का छठा जिला सम्मेलन संपन्न, मजदूर एकता और संघर्ष तेज करने का आह्वान
  • Bihar News: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर वृद्धाश्रम सहारा में योग शिविर एवं नशा मुक्ति रैली का आयोजन
  • Bihar News: जीएमसीएच में पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार व मारपीट की घटना पर निंदा प्रस्ताव पारित
  • Home
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Condition
  • Disclaimer
  • Advertise With Us
Copyright © All Rights Reserved I Janvad Times | MoreNews by AF themes.